नई दिल्ली: शनिवार को प्रकाशित वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि फ्लाईदुबई की उड़ान के ओमानी सह-पायलट को पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन में उड़ान भरने की ड्यूटी से हटा दिया गया था, क्योंकि उसके वैचारिक विचारों को लेकर चिंता जताई गई थी.
इसके बावजूद, पायलट, जिसकी पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है, फ्लाईदुबई में काम कर रहा था. रिपोर्ट के अनुसार, हमामी पहले ओमान एयर में काम करता था और पिछले साल उसे उड़ान की ट्रेनिंग से हटा दिया गया था, क्योंकि एयरलाइन ने उसके विचारों को कट्टरपंथी वैचारिक विचार बताया था.
हमामी के नाम से बने एक लिंक्डइन प्रोफाइल में लिखा था कि उसने ओमान एयर में सात साल तक काम किया था और फरवरी 2025 में वहां से चला गया था. इसमें इसके बाद की नौकरी रॉयल एयर मैरोक में बताई गई थी, जहां उसने जून 2025 से जनवरी 2026 तक काम किया. CNN के अनुसार, इस प्रोफाइल में फ्लाईदुबई का कोई जिक्र नहीं था. यह प्रोफाइल बाद में डिलीट कर दिया गया.
ओमानी अधिकारियों ने अभी तक कोई रिपोर्ट जारी नहीं की है.
CNN की जांच के अनुसार, लिंक्डइन प्रोफाइल में केवल दो पोस्ट थीं. दोनों पोस्ट बुधवार को एक के बाद एक, घटना के करीब नौ घंटे बाद अपलोड की गई थीं. एक पोस्ट में बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट के कई वीडियो थे. बुधवार की घटना में शामिल विमान भी 737 मैक्स 8 था.
जांचकर्ताओं को एक वीडियो मिला, जिसमें इसे दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बनाया गया दिख रहा था. इसमें इजरायल की राष्ट्रीय एयरलाइन एल अल द्वारा संचालित एक विमान दिखाई दे रहा था.
वीडियो के अंत में अयमान अल-जवाहिरी और हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें दिखाई गई थीं. अल-जवाहिरी अल-कायदा का पूर्व नेता था. अल-बलावी ने 2009 में अफगानिस्तान में आत्मघाती बम हमला किया था, जिसमें नौ लोग मारे गए थे. इनमें अमेरिकी खुफिया एजेंसी के सात कर्मचारी भी शामिल थे.
एक दूसरी पोस्ट में इस्लाम के तीन सबसे पवित्र स्थानों, मक्का, मदीना और यरुशलम की एक AI से बनाई गई तस्वीर दिखाई गई थी. इस तस्वीर के साथ एक कविता थी, जिसमें अपमान को ठुकराने, मौत से न डरने और अपनी इज्जत की रक्षा करने की बात कही गई थी.
उन्हीं वीडियो को लगभग उसी समय हमामी के नाम और उसकी तस्वीरों वाले एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी पोस्ट किया गया था. बाद में वह अकाउंट भी डिलीट कर दिया गया.
CNN ने बताया कि उसने AI आधारित एक सिस्टम से लगभग 3,000 डिलीट की गई पोस्ट का विश्लेषण किया. जांच में यह भी पता चला कि 2021 और 2022 के बीच हमामी के डिलीट किए गए ट्विटर अकाउंट पर की गई पोस्ट में उसने खुद को बहुत धार्मिक बताया था और महिलाओं, शादी और कार्यस्थल को लेकर बहुत रूढ़िवादी विचार व्यक्त किए थे.
इस मामले में ओमानी पायलट को लेकर दूसरे सवाल भी उठे हैं. जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई के नियमों में साफ लिखा है कि उसके सभी पायलट ऐसे देशों के होने चाहिए, जिनके इजरायल के साथ सामान्य राजनयिक संबंध हैं. ओमान के इजरायल के साथ राजनयिक संबंध नहीं हैं.
इजरायली अधिकारियों ने अपनी आंतरिक सुरक्षा और काउंटरइंटेलिजेंस सेवा शिन बेट से यह जांच करने को कहा है कि एक ओमानी व्यक्ति विमान में सह-पायलट कैसे बना.
इजरायल की सरकार ने इस घटना को एक संदिग्ध आतंकवादी हमला बताया है और यह जांच की जा रही है कि क्या पायलट ने अकेले ऐसा किया था या वह किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ था.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि माना जा रहा है कि संदिग्ध को “इस्लामवादी कट्टरपंथी विचारों की ट्रेनिंग” दी गई थी. गुरुवार को एक इजरायली अधिकारी ने यह भी कहा कि शुरुआती आकलन के अनुसार, सह-पायलट का इरादा यात्रियों के साथ विमान को गिराने का था.
UAE के अटॉर्नी जनरल ने भी इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या यह हमला आतंकवादी गतिविधि से जुड़ा था और क्या इसकी पहले से योजना बनाई गई थी या इसमें बाहर से किसी ने निर्देश दिए थे. UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM के अनुसार, यह जांच शुरू की गई है.
रिपोर्ट में बताया गया कि UAE के पास इस मामले में अधिकार है क्योंकि विमान वहीं रजिस्टर्ड है. इसके अलावा, UAE का कानून उसके विमानों में होने वाले अपराधों पर लागू होता है, भले ही वे अपराध देश के बाहर हुए हों.
नेतन्याहू ने कहा कि संदिग्ध से सऊदी अरब में पूछताछ की गई थी, जहां हमला होने के बाद विमान उतरा था. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल इस जांच में शामिल है.
दुबई और तेल अवीव के बीच फ्लाईदुबई की उड़ानें अभी भी बंद हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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