नई दिल्ली: इजरायल फ्लाईदुबई की इस घटना की जांच एक “जिहादी आतंकवादी हमले” के रूप में कर रहा है, जिसका निशाना इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात दोनों थे. इजरायल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी.
अधिकारी ने कहा, “शुरुआती आकलन है कि दूसरे पायलट का इरादा विमान में सवार सभी यात्रियों के साथ विमान को क्रैश करने का था. अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि विमान को हाईजैक करके किसी दूसरी जगह ले जाने की कोशिश की जा रही थी.”
अधिकारी ने आगे कहा, “इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात दोनों इस मामले की जांच कर रहे हैं. इस घटना में तीन देश शामिल हैं. इजरायली अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है, क्योंकि 120 से ज्यादा यात्री हमारे देश के हैं. विमान अमीरात के स्वामित्व वाला है, जबकि यह सऊदी अरब में उतरा.”
तेल अवीव में शुरुआती तौर पर यही माना जा रहा है कि यह घटना अब्राहम समझौते और अपने पड़ोसी देशों के साथ इजरायल के संबंध सामान्य करने की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाने के मकसद से की गई थी. खास तौर पर संयुक्त अरब अमीरात के साथ, जिसके साथ इजरायल ने करीबी साझेदारी विकसित की है.
वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया कि दूसरे पायलट के मकसद की जांच अभी जारी है. बताया गया है कि वह ओमान का नागरिक है. इजरायली अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसने अकेले यह काम किया था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था.
अधिकारी ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि जो भी जानकारी जारी की जाए, वह सही हो. शुरुआती जांच अभी चल रही है.”
उन्होंने आगे कहा कि कैप्टन स्मित मच्छर ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला. उनकी बहादुरी और सतर्कता की वजह से हमले को रोका जा सका.
अधिकारी ने यह भी बताया कि फ्लाइट में यात्रियों के बीच एक रिलीफ क्रू भी मौजूद था. इस क्रू ने विमान को सऊदी अरब में उतारने में मदद की. इसके बाद UAE से एक और क्रू वहां पहुंचा और विमान को उतारा. आखिरकार विमान तेल अवीव पहुंच गया.
फिलहाल दुबई और तेल अवीव के बीच फ्लाईदुबई की उड़ानें रद्द हैं. अधिकारी ने कहा कि इजरायल सरकार को अपने साझेदारों पर भरोसा है कि कर्मचारियों की ठीक से जांच की जा रही है. लेकिन आगे और क्या कदम उठाए जा सकते हैं, यह जांच पूरी होने के बाद साफ किया जाएगा.
यह घटना इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की UAE यात्रा के कुछ ही दिनों बाद हुई. यह 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले की बरसी से करीब एक हफ्ते से थोड़ा ज्यादा पहले हुई है.
कैप्टन मच्छर की कार्रवाई की वजह से तीन यात्री कॉकपिट में जा सके और उन्होंने दूसरे पायलट को काबू में कर लिया. इसके बाद रिलीफ पायलट विमान को सऊदी अरब में उतार सके.
भारत के इस पायलट ने फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले एक दशक से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट के साथ काम किया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “हीरो” बताया है.
सऊदी अरब के तबुक के एक अस्पताल में शुरुआती इलाज मिलने के बाद मच्छर को अब आगे के इलाज और ठीक होने के लिए अबू धाबी ले जाया गया है. विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, उन्हें अबू धाबी भेजा गया है.
UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल जाकर उनका हालचाल पूछा. माना जा रहा है कि उनकी हालत स्थिर है. इससे पहले मित्तल ने देश में मच्छर के परिवार से भी मुलाकात की थी.
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