नई दिल्ली: मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के विजन के तहत उज्जैन-इंदौर मेट्रोपॉलिटन रीजन (UIMR) को प्रदेश की प्रगति का नया प्रवेश द्वार बनाने की तैयारी है. इस महत्वाकांक्षी योजना के दायरे को बढ़ाकर 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया गया है, जिसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, रतलाम और शाजापुर के 38 तहसील और 2,781 गांव शामिल होंगे. इस क्षेत्र में करीब सवा करोड़ लोग निवास करते हैं.
योजना के तहत 13,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 14 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे और लगभग 5 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने का अनुमान है. इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे और मेट्रो विस्तार के जरिए पूरे क्षेत्र में 60 मिनट की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.
सरकार ने ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी, कार्बन न्यूट्रल औद्योगिक क्लस्टर और पर्यटन विकास पर भी जोर दिया है. इसके लिए एक मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी गठित कर वैज्ञानिक और डेटा आधारित शहरी नियोजन को बढ़ावा दिया जाएगा.