छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मंगलवार को झारखंड में छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा की. उन्होंने इस घटना की तुलना हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई से की और सवाल उठाया कि “युवाओं के लिए ही हिंसा” क्यों रखी गई है.
रांची में JSSC-JPSC अभ्यर्थियों के मार्च के दौरान हुई हिंसा को लेकर पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने आरोप लगाया कि छात्रों पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल यह दिखाता है कि सरकारें गैर-राजनीतिक प्रदर्शनों से किस तरह निपट रही हैं.
दिपके ने कहा, “झारखंड में कल जो हुआ, वह बहुत गलत था. झारखंड में कल जंतर-मंतर पर 20 तारीख को जो हमने देखा था, वैसा ही दृश्य देखने को मिला. वहां आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं. मुझे समझ नहीं आता कि राजनीतिक पार्टियां प्रदर्शन करती हैं तो लाठीचार्ज या आंसू गैस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता. ये आंसू गैस और लाठीचार्ज सिर्फ छात्रों पर ही क्यों किया जा रहा है?”
उन्होंने छात्र नेता देवेंद्र महतो की हालत पर भी चिंता जताई. आरोप है कि कमजोर हालत में होने के बावजूद पुलिस ने उनके साथ मारपीट की.
दिपके ने कहा, “मैंने कल देवेंद्र महतो जी से भी बात की थी, जो इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह 9 दिन से भूख हड़ताल पर थे और इसके बाद भी पुलिस ने उन पर लाठियां चलाईं. उन्हें पीटा गया और अब वह अस्पताल में हैं. उनकी मौजूदा स्थिति काफी चिंताजनक है.”
दिपके ने राज्य और केंद्र सरकारों से छात्रों की मांगों को समझने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्र किसी राजनीतिक मकसद से आंदोलन नहीं कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, “ये छात्र अपने अधिकारों और अपने भविष्य के लिए लड़ रहे हैं. वे किसी वोट बैंक के लिए नहीं लड़ रहे हैं. इसलिए उन पर इस तरह का लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए और उनके साथ ऐसी हिंसा बिल्कुल नहीं होनी चाहिए.”
प्रदर्शन स्थल पर खुद मौजूद नहीं होने को लेकर पूछे गए सवाल पर दिपके ने कहा कि उनका ध्यान आंदोलन का समर्थन करने पर है, खुद का प्रचार करने पर नहीं.
उन्होंने कहा, “हमारा काम उन्हें मजबूत करना है, वहां जाकर अपना प्रचार करना नहीं. हमारी पूरी टीम वहां मौजूद है और हम उन्हें पूरा समर्थन दे रहे हैं. कल के मार्च में भी हमारी टीम छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी थी.”
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