नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने हर साल भर्ती के लिए असम राइफल्स में ग्रुप C के 50 प्रतिशत पद पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित किए हैं. सोमवार को जारी एक राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, यह आरक्षण उन पूर्व अग्निवीरों के लिए किया गया है, जिन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के स्थायी कैडर में शामिल नहीं किया जाएगा. यह बदलाव सीमा सुरक्षा बल में राइफलमैन/राइफलवुमन की भर्ती के नियमों में संशोधन के जरिए किया गया है.
मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, “हर भर्ती वर्ष में राइफलमैन/राइफलवुमन (जनरल ड्यूटी) के पद पर भर्ती के लिए 50 प्रतिशत रिक्तियां पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेंगी.”
मंत्रालय ने बताया कि नियमित उम्मीदवारों की तुलना में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि संशोधित नियमों के तहत बल की भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण में उनकी भर्ती की जाएगी. दूसरे चरण में बल बाकी 50 प्रतिशत खाली पदों के साथ-साथ पहले चरण में बची हुई रिक्तियों के लिए भर्ती करेगा.
2022 में शुरू की गई अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को सेना, नौसेना या वायुसेना में चार साल के लिए भर्ती किया जाता है. इसके बाद उनमें से एक-चौथाई को लंबे समय तक सेवा के लिए रखा जाता है और बाकी को सेवा से बाहर कर दिया जाता है. सेना ने 2022 के पहले बैच से 46,000 अग्निवीरों की भर्ती की थी.
इसके अलावा, अधिसूचना के अनुसार, इस साल के अंत में रिटायर होने वाले अग्निवीरों के पहले बैच को उम्र में पांच साल तक की छूट मिलेगी. दूसरे उम्मीदवारों के लिए उम्र की पात्रता 18 से 23 साल है. अग्निवीरों के बाद के बैचों के लिए अधिकतम उम्र में छूट 23 साल तक रहेगी. इसके अलावा, पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षा, शारीरिक मानक परीक्षा और लिखित परीक्षा से भी छूट दी जाएगी.
गृह मंत्रालय ने कहा है कि भर्ती अभियान में मौजूदा आरक्षण के नियम दोनों चरणों में लागू होंगे. इन दोनों चरणों के जरिए बल में 700 से ज्यादा खाली पदों को भरा जाना है.
यह मंत्रालय की ओर से इसी तरह की अधिसूचना जारी किए जाने के कुछ दिनों बाद आया है. इसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के भर्ती नियमों में बदलाव करके पूर्व अग्निवीरों को शामिल किया गया था. पिछले हफ्ते गृह मंत्रालय ने CRPF में 9,000 से ज्यादा रिक्तियों की घोषणा की थी.
मंत्रालय ने इससे पहले सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के भर्ती नियमों में भी बदलाव किया था, ताकि पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण बढ़ाया जा सके.
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