नयी दिल्ली, 23 जुलाई (भाषा) केंद्र सरकार ने आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय का पुनर्गठन करते हुए दो अलग-अलग विभाग– राजधानी विकास विभाग और शहरी विकास विभाग बनाये हैं। गजट अधिसूचना जारी कर यह जानकारी दी गयी है।
नई व्यवस्था के तहत, राजधानी विकास विभाग राष्ट्रीय राजधानी और केंद्र सरकार से जुड़े कामकाज संभालेगा।
इसके अधिकार क्षेत्र में केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी), सरकारी संपत्तियों, केंद्र सरकार की इमारतों की निगरानी, राष्ट्रीय राजधानी परिक्षेत्र में जमीन अधिग्रहण और विकास तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के लिए योजना बनाना शामिल है।
मंत्रिमंडलीय सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के तुरंत बाद ये बदलाव प्रभाव में आ गये हैं।
शहरी विकास विभाग, आवास, साफ-सफाई, शहरी परिवहन और जलवायु अनुकूलन से जुड़ी राष्ट्रीय शहरी नीतियां बनाने तथा उन्हें लागू करने के लिए जिम्मेदार होगा।
यह अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत), स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) और पीएम स्वनिधिजैसी प्रमुख योजनाओं के लागू होने की देखरेख भी करेगा।
इसके अलावा, विभाग शहरी क्षेत्र से जुड़े प्रमुख कानूनों का भी कामकाज देखेगा। इनमें रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम (रेरा) तथा पथ विक्रेता (जीविका संरक्षण और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम शामिल हैं।
कार्य आवंटन नियमों में एक अलग संशोधन के तहत केंद्र सरकार ने भारत सरकार के स्टेशनरी, मुद्रण और आधिकारिक प्रकाशनों से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सौंप दी है।
भाषा
राजकुमार रंजन
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