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Sunday, 3 May, 2026
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दिल्ली ज्यूडिशियल अधिकारी की संदिग्ध आत्महत्या—जांच में उत्पीड़न और पत्नी से विवाद

शनिवार को दक्षिण दिल्ली स्थित एक घर के बाथरूम में 30 वर्षीय एक व्यक्ति का शव मिला. परिवार का आरोप है कि खुद को अंदर बंद करने से कुछ ही देर पहले उसकी अपनी पत्नी से तीखी बहस हुई थी.

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नई दिल्ली: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में तैनात 30 साल के एक न्यायिक अधिकारी की मौत के मामले में “उत्पीड़न” और घरेलू विवाद के आरोप सामने आए हैं. उन्हें शनिवार को ग्रीन पार्क स्थित अपने घर के बाथरूम में मृत पाया गया.

पुलिस के अनुसार, इस न्यायिक अधिकारी, अमन कुमार शर्मा, ने अपनी पत्नी के साथ तीखी बहस के बाद आत्महत्या की. उनकी पत्नी भी न्यायिक अधिकारी हैं.

दिप्रिंट से बात करते हुए अमन के पिता प्रेम कुमार, जो अलवर के वकील हैं, ने कहा, “इस घटना के बाद हमारा परिवार बहुत तनाव में है. हम यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या हुआ और अमन ने ऐसा कदम क्यों उठाया.”

यह मामला तब सामने आया जब अमन के साले शिवम, जो डिफेंस कॉलोनी के निवासी हैं, ने PCR कॉल की. पुलिस के अनुसार, यह कॉल सफदरजंग पुलिस थाना को मिली, जिसमें आत्महत्या की सूचना दी गई.

डिफेंस कॉलोनी के निवासी और अमन की बहन के ससुर राजेश शर्मा ने शनिवार देर रात पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अपने बेटे शिवम से फोन पर बात की थी, जिसने बताया कि वे अमन को सफदरजंग अस्पताल ले जा रहे हैं. जब तक वह अस्पताल पहुंचे, डॉक्टर अमन को मृत घोषित कर चुके थे.

राजेश ने कहा, “अमन के पिता ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे अमन ने उन्हें फोन किया था और कहा था कि वह परेशान है और उसके लिए जीना मुश्किल हो गया है.”

उनके पिता अलवर से निकले और रात करीब 12 बजे दिल्ली पहुंचे. आने पर उन्हें पता चला कि अमन का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था, राजेश ने बताया.

उन्होंने कहा, “अमन ने अपने पिता से कहा था कि पिछले दो महीने से उसे परेशान किया जा रहा था. उसकी पत्नी न्यायिक अधिकारी है और उसकी बहन IAS अधिकारी है, जो इस समय जम्मू में तैनात है.”

“अमन के अनुसार, उसकी पत्नी की बहन उसके जीवन में दखल देती थी और घर को कंट्रोल करती थी. अमन के पिता ने बताया कि उनकी बहू ने उनसे कहा कि अगर वह घर नहीं छोड़ेंगे, तो वह पुलिस बुला लेगी,” राजेश ने कहा.

अगली सुबह (शनिवार) अमन के पिता ने अपनी बहू के माता-पिता से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने उनका नंबर ब्लॉक कर दिया था, राजेश के अनुसार.

उन्होंने कहा कि इसके बाद घर में बहस शुरू हो गई और अमन के पिता दूसरे कमरे में चले गए.

“उनके अनुसार, अमन की पत्नी बहुत गुस्से में थी और चिल्ला रही थी, जबकि अमन रो रहा था. थोड़ी देर बाद आवाज बंद हो गई. उन्होंने सोचा कि झगड़ा खत्म हो गया होगा. कुछ समय बाद जब वह देखने गए, तो उन्होंने अमन की पत्नी से पूछा कि वह कहां है, तो उसने कहा कि उसे नहीं पता,” राजेश ने बताया.

जब उन्होंने अमन के मोबाइल पर कॉल किया, तो बाथरूम के अंदर से रिंग की आवाज आई. उन्होंने दरवाजा खटखटाया और खोलने को कहा. इस दौरान उसकी पत्नी के चाचा और बहन भी वहां पहुंच गए, राजेश ने बताया.

“उन्होंने फर्नीचर से दरवाजा तोड़ने की कोशिश की, लेकिन नहीं कर पाए. फिर पड़ोसियों ने बताया कि शाफ्ट में एक खिड़की है. तब वे सीढ़ी लाए. एक गार्ड सीढ़ी पर चढ़ा, खिड़की तोड़ी और अंदर गया. अंदर अमन का शव था,” राजेश ने कहा.

अलवर में अंतिम संस्कार

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की थी. उन्होंने 2018 में सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से BA LLB की पढ़ाई पूरी की थी. उन्होंने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास और सिविल जज के रूप में काम करते हुए आपराधिक और सिविल मामलों को देखा.

पिछले साल अक्टूबर से अमन ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण में सचिव के पद पर कार्य कर रहे थे, जो कड़कड़डूमा कोर्ट में है.

शव का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है और पुलिस ने कहा कि वह हर एंगल से जांच कर रही है. अमन के परिवार और करीबी लोगों से बात की जा रही है ताकि पूरी घटना का क्रम समझा जा सके.

प्रेम कुमार ने दिप्रिंट को बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार अमन के अंतिम संस्कार के लिए अपने घर अलवर चला गया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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