नई दिल्ली: पंजाब पुलिस ने सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान को गिरफ्तार किया है. उसके और उसके साथी के पास से सात पिस्तौल और 25 राउंड गोलियां बरामद की गई हैं. पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरमंदीप सिंह हंस ने यह जानकारी दी.
हंस ने बताया कि अर्धसैनिक बल के जवान की पहचान मनदीप सिंह उर्फ फौजी के रूप में हुई है. रविवार को पटियाला जिला पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) ने जब उसे रोका, तब उसने SSB की वर्दी पहन रखी थी.
पुलिस ने कहा कि वह एक ऐसे हथियार सप्लाई नेटवर्क का हिस्सा था, जो दूसरे राज्यों से हथियार लाकर पंजाब के अपराधियों को सप्लाई करता था.
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में SSB की 50वीं बटालियन में तैनात मनदीप छुट्टी पर था और बरनाला जिले में अपने परिवार के साथ समय बिता रहा था. पटियाला जिला पुलिस ने उसके साथ बरनाला के जंगियाना गांव के गुरदीप सिंह को भी गिरफ्तार किया है.
पुलिस ने कहा कि उसके और उसके साथी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
एफआईआर के मुताबिक, एसआई के खास मुखबिर ने पुलिस को बताया था कि मनदीप सिंह उर्फ फौजी और गुरदीप सिंह दूसरे राज्यों से हथियार लाकर पंजाब में सप्लाई करते थे.
SSB के सूत्रों ने पुष्टि की कि मनदीप अभी भी SSB में तैनात जवान है और पंजाब पुलिस ने उसकी तैनाती के बारे में जो जानकारी दी है, वह सही है.
SSB के एक अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया, “जब उसे जेल भेजा गया था, तब उसे पहले निलंबित किया गया था और बाद में मुकदमा चलने के दौरान उसे फिर से बहाल कर दिया गया.”
अधिकारी ने कहा कि पंजाब में उसकी गिरफ्तारी को देखते हुए उसके खिलाफ एक नई विभागीय जांच शुरू की जाएगी.
हंस ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों को वाजिदपुर गांव के पास पटियाला-संगरूर रोड से पकड़ा गया. उनके पास से सात पिस्तौल और 25 राउंड गोलियां बरामद हुईं. इनमें एक .30 बोर की पिस्तौल और छह .32 बोर की पिस्तौल शामिल थीं.
हंस ने कहा कि मनदीप और गुरदीप बरनाला के एक अन्य व्यक्ति सत्ती के संपर्क में थे, जो इस समय जेल में बंद है. आरोप है कि ये सभी बरनाला के ही एक अन्य व्यक्ति हर्ष के निर्देश पर मिलकर काम कर रहे थे. हर्ष विदेश में रहता है.
उन्होंने आगे कहा, “हर्ष कनाडा में रहने वाला स्थानीय अपराधी है और उन्होंने उसके निर्देश पर कुछ आपराधिक गतिविधियों के लिए ये हथियार जुटाए थे. हालांकि, अपना काम पूरा करने से पहले ही पटियाला CIA ने उन्हें पकड़ लिया.”
पुलिस के मुताबिक, मनदीप के खिलाफ पहले भी तीन मामले दर्ज हो चुके हैं. इनमें एक ऐसी महिला के परिवार के साथ कथित मारपीट और गोली चलाने के मामले शामिल हैं, जिसके साथ उसके संबंध थे.
इनमें से एक मामले में रूपनगर पुलिस ने उसके खिलाफ आपराधिक धमकी, दंगा, जबरन घुसने और हथियारों से चोट पहुंचाने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया था.
एक मामले में मनदीप करीब दो महीने जेल में रहा था. पंजाब पुलिस ने उस पर हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज किए थे.
हंस ने कहा कि जेल में रहने के दौरान ही मनदीप के कथित तौर पर मध्य प्रदेश में अवैध हथियार सप्लायरों से संपर्क बने. इसके बाद वह पंजाब के अपराधियों को महंगे दामों पर सप्लाई करने के लिए हथियार जुटाने लगा.
एफआईआर दर्ज कराने वाली अपनी शिकायत में एक पुलिस अधिकारी ने लिखा कि एक मुखबिर ने उन्हें जानकारी दी थी कि मनदीप और गुरप्रीत दूसरे राज्यों से हथियार और गोलियां लाकर पंजाब में सप्लाई कर रहे हैं.
पुलिस को यह जानकारी भी मिली थी कि गुरप्रीत और मनदीप दोनों के खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं.
एफआईआर में गिरफ्तारी से पहले पुलिस अधिकारी ने लिखा, “आज भी मनदीप सिंह उर्फ फौजी, जो सेना की वर्दी पहनकर दूसरे राज्यों से हथियार लाता है और पंजाब के अलग-अलग जिलों में उनकी सप्लाई करता है, अपने गैंग के सदस्य गुरदीप सिंह के साथ किसी घटना को अंजाम देने की तैयारी में है.”
एफआईआर में आगे लिखा गया, “अगर अभी वाजिदपुर बस स्टैंड के पास नाकाबंदी कर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की जाए, तो दोनों को घातक और जानलेवा हथियारों के साथ पकड़ा जा सकता है. जानकारी पक्की और भरोसेमंद है.”
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