scorecardresearch
Tuesday, 8 September, 2026
होमदेशNIA ने अमेरिकी नागरिक, 6 यूक्रेनियनों पर UAPA की धाराएं हटाईं, ‘आतंकी ट्रेनिंग’ का था आरोप

NIA ने अमेरिकी नागरिक, 6 यूक्रेनियनों पर UAPA की धाराएं हटाईं, ‘आतंकी ट्रेनिंग’ का था आरोप

विशेष सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि UAPA के तहत अपराधों की जांच को आगे की जांच के लिए लंबित रखा गया है.

Text Size:

नई दिल्ली: दिप्रिंट को जानकारी मिली है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने म्यांमार में भारत विरोधी जातीय सशस्त्र समूहों को कथित तौर पर ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह यूक्रेनियनों और एक अमेरिकी नागरिक के खिलाफ सख्त गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धाराएं हटा दी हैं.

मंगलवार को दिल्ली की एक विशेष एनआईए अदालत में दाखिल चार्जशीट में NIA ने सिर्फ आप्रवासन और विदेशी अधिनियम, 2025 की धारा 21 और 23 लगाई हैं. इन दोनों अपराधों का निपटारा Foreigners Regional Registration Office के स्तर पर किया जा सकता है.

एजेंसी की ओर से पेश विशेष सरकारी वकील राहुल त्यागी ने अदालत को बताया कि इस चार्जशीट में एजेंसी ने UAPA की धाराएं नहीं लगाई हैं. हालांकि, उन्होंने अदालत को बताया कि UAPA के तहत अपराधों की जांच को आगे की जांच के लिए लंबित रखा गया है. उन्होंने कहा कि अगर इस कानून के तहत कोई अपराध बनता है तो एजेंसी बाद में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर सकती है.

आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करने वाली इस कानून लागू करने वाली एजेंसी ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और यूक्रेन के नागरिकों हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम और कामिंस्की विक्टर के खिलाफ UAPA की धारा 18 समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था और उन्हें गिरफ्तार किया था. यह धारा आतंकवादी गतिविधियों की साजिश और आतंकी कैंप आयोजित करने जैसे अपराधों से जुड़ी है.

वैनडाइक को मार्च में कोलकाता एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था, जबकि यूक्रेनियनों को दिल्ली और लखनऊ के एयरपोर्ट से पकड़ा गया था.

NIA ने अदालत को बताया था कि इन सात विदेशी नागरिकों ने मिजोरम में अवैध रूप से प्रवेश किया और इसके बाद म्यांमार चले गए. वहां उन्होंने ऐसे Ethnic Armed Groups (EAGs) को ट्रेनिंग दी, जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारत में सक्रिय आतंकी संगठनों का समर्थन करते हैं और म्यांमार की जुंटा सरकार को निशाना बनाते हैं.

अदालत को बताया गया कि उन्होंने EAG के सदस्यों को ड्रोन युद्ध, ड्रोन चलाने और ड्रोन को जोड़ने तथा जाम करने की तकनीक की “पहले से तय ट्रेनिंग” दी थी.

जांच के दौरान NIA ने वैनडाइक और अन्य लोगों पर उपकरण जोड़ने और म्यांमार में एक यात्री विमान को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

एजेंसी ने आरोप लगाया कि हिरासत के शुरुआती समय में गिरफ्तार आरोपियों ने “साजिश” से जुड़े “महत्वपूर्ण खुलासे” किए. इनमें आतंकवादियों के साथ “सीधे संपर्क” में होने की बात भी शामिल थी, जो “AK-47 राइफलें लेकर चलते थे.”

चार्जशीट में NIA ने कई सबूत पेश किए हैं. इनमें आरोपियों के जब्त किए गए फोन से निकाला गया डेटा भी शामिल है. इन फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए CERT-IN को भेजा गया था. CERT-IN साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटने वाली नोडल एजेंसी है.

कुछ दिन पहले वैनडाइक के परिवार ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन से इस मामले में कूटनीतिक तौर पर हस्तक्षेप करने की अपील की थी, ताकि वैनडाइक की रिहाई सुनिश्चित हो सके.

उनकी मां शेरोन वैनडाइक ने एक्स पर जारी एक बयान में कहा, “यह हमारे परिवार के लिए मानवीय संकट है. मैथ्यू ने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की तकलीफों को दर्ज करने और संकट में फंसे लोगों की मदद करने में बिताई है. वह निर्दोष है और हम अमेरिका सरकार से उसे सुरक्षित घर वापस लाने की अपील कर रहे हैं.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: जम्मू में CRPF की बड़ी भूमिका: सेना के 21 कैंप CoBRA जवानों को क्यों सौंपे जा रहे हैं


 

share & View comments