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Tuesday, 8 September, 2026
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जम्मू में CRPF की बड़ी भूमिका: सेना के 21 कैंप CoBRA जवानों को क्यों सौंपे जा रहे हैं

इन 21 कैंपों में से 15 कठुआ और छह उधमपुर जिलों में हैं. इन्हें कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (CoBRA) की कंपनियां संभालेंगी.

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नई दिल्ली: जम्मू डिविजन में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी जिम्मेदारियां संभालने की तैयारी के तहत एक प्रशासनिक कदम उठाया गया है. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) सेना के 21 कैंपों को संभालने वाला है. CRPF की ओर से जारी एक आदेश में यह जानकारी दी गई है.

इन 21 कैंपों में से 15 कठुआ और छह उधमपुर जिलों में हैं. इन्हें कमांडो बटालियन फॉर रिजॉल्यूट एक्शन (CoBRA) की कंपनियां संभालेंगी. CoBRA, CRPF की एक खास यूनिट है, जो गुरिल्ला युद्ध के लिए जानी जाती है.

CRPF के एक आदेश के मुताबिक, जम्मू डिविजन में किसी भी समय करीब दो दर्जन CoBRA कंपनियां तैनात थीं. आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था के तहत उधमपुर और कठुआ को संवेदनशील इलाके माना जाता है, क्योंकि घुसपैठिए इन इलाकों का इस्तेमाल सुरक्षा बलों पर हमले करने के लिए करते हैं.

सूत्रों के मुताबिक, इन कैंपों से सेना की वापसी और CRPF की तैनाती से जुड़ी जानकारी जम्मू जोन के CRPF प्रमुख ने उस अधिकारी के सामने रखी, जो J&K जोन का प्रमुख है और स्पेशल DG रैंक का अधिकारी है.

इस बातचीत में IG रैंक के अधिकारी ने बताया कि 18 CoBRA कंपनियों की नई तैनाती और कैंपों में उनकी तैनाती पिछले साल अगस्त में बनाई गई लंबी अवधि की रणनीतिक योजना का हिस्सा है. बल के सूत्रों ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में CRPF को सेना और उसकी खास आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी यूनिट, राष्ट्रीय राइफल्स से जिम्मेदारी लेने के लिए कहा गया है.

CRPF के एक सूत्र ने दिप्रिंट को बताया, “सुरक्षा व्यवस्था में यह बात काफी समय से सोची गई थी कि CRPF को सेना के कंधों से उग्रवाद विरोधी अभियान का कुछ बोझ लेना चाहिए. जिम्मेदारियां आसानी से एक बल से दूसरे बल को सौंपने के लिए कई महीनों से इसकी योजना बनाई जा रही थी.”

जम्मू में आतंकवाद और उग्रवाद विरोधी काम में उनकी तैनाती ऐसे समय हो रही है, जब गृह मंत्रालय (MHA) ने कुछ महीने पहले उन्हें एक और संघर्ष प्रभावित राज्य, मणिपुर में तैनात किया था. मणिपुर सरकार के अनुरोध पर MHA ने मणिपुर में CoBRA की दो बटालियन तैनात की थीं.

जंगलों में उग्रवादियों को खोजने और उनका पीछा करने की क्षमता के कारण CoBRA बटालियनों को ‘जंगल वॉरियर्स’ के नाम से जाना जाता है. पहले इन्हें मध्य भारत के उन इलाकों में तैनात किया जाता था, जो वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित थे. हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में CRPF के वरिष्ठ अधिकारियों ने अलग-अलग इलाकों और वहां काम करने की परिस्थितियों को समझने के लिए कदम उठाए हैं.

इसी उद्देश्य के तहत MHA ने 2023 में जम्मू-कश्मीर में CoBRA की छह कंपनियां इलाके और वहां काम करने के तरीके को समझने के लिए तैनात की थीं. हालांकि, उन्हें जल्द ही केंद्र शासित प्रदेश से वापस बुला लिया गया और LWE प्रभावित इलाके में फिर से तैनात कर दिया गया.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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