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Monday, 7 September, 2026
होमराजनीतिआकाश को बाहर कर, ईशान को दी अहम जिम्मेदारी: क्या है मायावती की रणनीति?

आकाश को बाहर कर, ईशान को दी अहम जिम्मेदारी: क्या है मायावती की रणनीति?

पार्टी के मुख्य सेक्टर इंचार्ज के तौर पर, पार्टी प्रमुख के UK में पढ़े-लिखे युवा भतीजे UP और उत्तराखंड के अलावा दूसरे राज्यों में संगठन और गतिविधियों की समीक्षा करेंगे.

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की नेता मायावती ने सोमवार को अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी के संगठन में एक अहम जिम्मेदारी दी. यह फैसला उनके “अपरिपक्व” भतीजे आकाश आनंद को सभी पार्टी पदों से हटाए जाने के चार दिन बाद आया है.

आकाश से अब सभी जिम्मेदारियां ले ली गई हैं. वहीं, ईशान आनंद को BSP का मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाया गया है. उनकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर दूसरे राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक काम और गतिविधियों की समीक्षा करना होगी.

BSP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के संगठन को तीन सेक्टर में बांटा गया है. पहले दो सेक्टर में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर बाकी सभी राज्य आते हैं. ईशान आनंद को इन दोनों सेक्टर का “मुख्य सेक्टर प्रभारी” बनाया गया है.

ईशान इन राज्यों से जुड़ी रिपोर्ट अपने पिता आनंद कुमार को देंगे. आनंद कुमार BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं. यह जिम्मेदारी पहले आकाश आनंद संभालते थे, जो पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर थे.

BSP के नेताओं का कहना है कि ईशान की बढ़ती भूमिका को लेकर अटकलें लखनऊ में हुई पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद और तेज हो गई थीं. इस बैठक में ईशान भी मौजूद थे. पार्टी के नेताओं का मानना है कि वह मायावती के उत्तराधिकारी हो सकते हैं और उनकी नई नियुक्ति भी इसी ओर इशारा करती है.

कौन हैं ईशान आनंद?

ईशान आनंद मायावती के छोटे भतीजे और उनके भाई आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं. BSP के पूर्व राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद उनके बड़े भाई हैं.

27 साल के ईशान को मायावती ने इस साल अपने जन्मदिन पर पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलवाया था. उस समय उन्होंने कार्यकर्ताओं को बताया था कि ईशान, आनंद कुमार के छोटे बेटे हैं.

पार्टी के अंदर ईशान को आगे बढ़ाने को आकाश आनंद के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है. खास तौर पर युवा और पढ़े-लिखे दलित वोटरों और कार्यकर्ताओं से जुड़ने के लिए इसे एक कोशिश माना जा रहा है. BSP के भविष्य के नेतृत्व और संगठन में बदलाव को लेकर होने वाली चर्चाओं में ईशान का नाम अब लगातार सामने आ रहा है.

ईशान का जन्म गौतम बुद्ध नगर में हुआ था और उन्होंने नोएडा के जेनेसिस ग्लोबल स्कूल से पढ़ाई की. 12वीं के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए ब्रिटेन चले गए थे. उन्होंने लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर में LLB में दाखिला लिया था, लेकिन डिग्री पूरी नहीं की. बाद में भारत लौटने के बाद वह परिवार के कारोबार से जुड़ गए.

आनंद कुमार के नोएडा में रियल एस्टेट और दूसरे क्षेत्रों में कारोबारी हित हैं. ईशान मुख्य रूप से अपने परिवार के कारोबार और व्यावसायिक गतिविधियों को संभालने में शामिल रहे हैं. मायावती ने अपने जन्मदिन पर कहा था कि पढ़ाई पूरी करने के बाद ईशान दिल्ली लौट आए थे और अपने पिता के कारोबारी काम में उनकी मदद कर रहे थे.

ईशान ने नोएडा के एक कारोबारी की बेटी राधिका खन्ना से 24 अप्रैल 2025 को हरियाणा में शादी की. दोनों ने प्रेम विवाह किया और यह अंतरजातीय विवाह भी था. राधिका पंजाबी खत्री परिवार से हैं, जबकि ईशान जाटव समुदाय से हैं.

ईशान के औपचारिक रूप से राजनीति में आने को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब वह मायावती के जन्मदिन पर लखनऊ में नजर आए. इसके बाद उन्होंने पार्टी के कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठकों में शामिल होना शुरू किया.

अब मुख्य सेक्टर प्रभारी बनाए जाने के साथ उन्हें पार्टी संगठन में पहली बड़ी जिम्मेदारी मिली है.

Gen Z रणनीति?

ब्रिटेन में ईशान की पढ़ाई से पार्टी के अंदर उन्हें एक युवा, पढ़े-लिखे और अपेक्षाकृत आधुनिक चेहरे के तौर पर पेश करने में मदद मिलती है. उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर BSP की रणनीति में उनकी आगे की भूमिका पार्टी नेतृत्व के फैसलों पर निर्भर करेगी.

BSP के नेताओं का कहना है कि ईशान आकाश से करीब तीन साल छोटे हैं और वह भी आकाश की तरह Gen Z वोटरों से जुड़ सकते हैं.

हालांकि, BSP के एक नेता ने दिप्रिंट को बताया कि आकाश की जगह ईशान को आगे बढ़ाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि छोटे भतीजे के पास राजनीतिक अनुभव बहुत कम है.

नेता ने कहा, “बहनजी ईशान आनंद को आकाश आनंद के विकल्प के तौर पर आगे बढ़ा रही होंगी, लेकिन उनके पास राजनीतिक अनुभव नहीं है. इसके अलावा, उन्हें उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राजनीति से दूर रखा गया है, जबकि आकाश उत्तर प्रदेश में लगातार सक्रिय हो गए थे. अपने आक्रामक अंदाज और भाषणों के जरिए आकाश युवा वोटरों से जुड़ने की कोशिश कर रहे थे और उन्होंने अपनी एक राजनीतिक पहचान बना ली थी.”

नेता ने आगे कहा, “ईशान की राजनीतिक यात्रा अभी शुरू ही हुई है. उन्हें राजनीतिक प्रशिक्षण भी नहीं मिला है. इसलिए एक भतीजे को किनारे करके दूसरे को आगे बढ़ाना कुछ हद तक हैरान करने वाला फैसला है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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