नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश सरकार 8 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों, बालवाटिकाओं और जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में ‘आओ सुनें और सुनाएं कहानी’ गतिविधि आयोजित करेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की जा रही इस पहल का उद्देश्य बच्चों में सुनने, समझने, अपनी बात कहने, कल्पनाशीलता और रचनात्मक सोच को विकसित करना है.
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के निर्देश पर जारी कार्यक्रम में बालवाटिका और डायट स्तर पर स्थानीय नवाचारों को शामिल करने पर जोर दिया गया है. आंगनबाड़ी केंद्रों और बालवाटिकाओं में बच्चों की उम्र के अनुसार बिग बुक या स्थानीय कहानी का चयन किया जाएगा. कहानी सुनाने के बाद बच्चों से खुले और बंद छोर वाले सवाल पूछकर उन्हें अपने विचार रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.
डायट स्तर पर कहानी पढ़ने, चर्चा और प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए जाएंगे. इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन, बच्चों और अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा सकेगी. बच्चों को कहानी से प्रेरित चित्र बनाने के लिए कागज और रंग उपलब्ध कराए जाएंगे.
गतिविधि के बाद बच्चों को चित्र के बारे में अपनी बात बताने और रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर दिया जाएगा. बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह ने कहा कि कहानी बच्चों के सीखने और अपनी बात कहने का सहज माध्यम है. उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां साक्षरता की मजबूत नींव तैयार करने में मदद करेंगी.