नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस और आगामी अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम लिखी पाती में शिक्षा, संस्कार, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर राष्ट्र निर्माण की नींव रखने वाले 81 गुरुजनों को सम्मानित करने का अवसर मिला. शिक्षक ज्ञान का प्रकाश फैलाकर आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पढ़ना-लिखना सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों का विकास करना भी है. उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान तभी सार्थक है, जब वह व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने के साथ समाज के लिए भी उपयोगी हो.
योगी ने कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में डिजिटल साक्षरता के साथ एआई साक्षरता भी जरूरी है. सरकार परंपरागत ज्ञान को आधुनिक विज्ञान, तकनीक, नवाचार और कौशल से जोड़ रही है. उन्होंने लखनऊ की एआई सिटी और कानपुर के ड्रोन एवं यूएवी तकनीक के उभरते तंत्र का भी उल्लेख किया.
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों से शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं के कौशल पर ध्यान दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि साक्षरता अभियान में समाज की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने लोगों से हर बच्चे को स्कूल भेजने और जरूरतमंदों को साक्षर बनाने का संकल्प लेने की अपील की.