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Monday, 7 September, 2026
होमदेशलंबा सफर: थाईलैंड, दिल्ली, मैसूरु, गोवा और नेपाल बॉर्डर तक— 'अमेरिकी नागरिक' निकला ब्रिटेन का भगोड़ा

लंबा सफर: थाईलैंड, दिल्ली, मैसूरु, गोवा और नेपाल बॉर्डर तक— ‘अमेरिकी नागरिक’ निकला ब्रिटेन का भगोड़ा

थाईलैंड में सजा काटने के बाद, फिट्ज़पैट्रिक को ब्रिटेन वापस भेजे जाने के दौरान दिल्ली में आव्रजन द्वार से कूदकर भाग गया. कुछ महीनों बाद वह नेपाल सीमा के पास कथित तौर पर फर्जी पहचान के साथ यात्रा करते हुए दिखाई दिया.

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस साल जुलाई में महाराजगंज जिले में सीमा के रास्ते अवैध रूप से नेपाल में घुसने की कोशिश करते हुए जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, वह ब्रिटेन का नागरिक निकला है. आरोप है कि उसने पिछले साल दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन फ्लैप गेट से कूदकर अपने देश में निर्वासन से बचने की कोशिश की थी.

महाराजगंज जिले में गिरफ्तारी के समय इस व्यक्ति की पहचान जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई थी. वह अमेरिका की नौसेना का पूर्व अधिकारी बताया गया था. पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर बताया था कि वह समुद्र के रास्ते भारत आया था.

हालांकि, UP पुलिस ने उसकी असली पहचान एक फरार व्यक्ति के रूप में पता लगाई है. वह ब्रिटेन का नागरिक है और दिल्ली पुलिस को पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली एयरपोर्ट पर अधिकारियों से बचकर भागने के मामले में उसकी तलाश थी. वह थाईलैंड से ब्रिटेन भेजा जा रहा था. इसी दौरान उसने दिल्ली एयरपोर्ट पर गेट से छलांग लगा दी और उत्तर प्रदेश भाग गया.

गिरफ्तारी के कुछ समय बाद महाराजगंज के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने कहा था कि पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान जॉर्डन ब्राउन के रूप में बताई थी और कहा था कि वह कैलिफोर्निया से है.

महाराजगंज जिला पुलिस ने पिछले हफ्ते फिट्जपैट्रिक के खिलाफ जालसाजी और इमिग्रेशन एक्ट के तहत आरोप लगाए. जुलाई में गिरफ्तारी के बाद से फिट्जपैट्रिक न्यायिक हिरासत में है. महाराजगंज की स्थानीय अदालत ने उसकी जमानत की दो अर्जियां खारिज कर दी थीं.

जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि महाराजगंज पुलिस ने इस मामले की जांच कर रहे दिल्ली पुलिस के अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी है. दिप्रिंट ने IGI एयरपोर्ट के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस विचित्र वीर से WhatsApp कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क किया. जवाब मिलने पर इस रिपोर्ट को अपडेट किया जाएगा.

थाईलैंड और मैसूर के रास्ते UK से महाराजगंज पहुंचा

फिट्जपैट्रिक के आपराधिक इतिहास का भारत वाला हिस्सा कथित तौर पर पिछले साल 28 और 29 अक्टूबर की दरम्यानी रात शुरू हुआ. उस समय वह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इंटरनेशनल ट्रांजिट एरिया में था. एयर इंडिया के ग्राउंड स्टाफ उसे ब्रिटेन जाने वाली फ्लाइट तक ले जा रहे थे.

UP Police के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ThePrint को बताया, “उसे थाईलैंड में करीब एक साल तक जेल में रखा गया था और जब उसे ब्रिटेन भेजने की प्रक्रिया चल रही थी, तभी उसने इमिग्रेशन फ्लैप गेट से कूदकर अधिकारियों से बचने का फैसला किया.”

अधिकारी ने कहा, “वह अपने देश में एक बच्चे के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी भी था और अपने देश से भागकर थाईलैंड चला गया था. वहां भी उसने एक अपराध किया, जिसके कारण उसे कई महीनों तक जेल में रहना पड़ा.”

यह मामला तब सामने आया जब एयर इंडिया ने ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन में एक यात्री के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई. ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन देश के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विदेशी नागरिकों के आने-जाने का काम संभालता है. एयरपोर्ट की CCTV फुटेज देखने पर फिट्जपैट्रिक इमिग्रेशन गेट से कूदकर भागता हुआ दिखाई दिया.

इमिग्रेशन अधिकारी की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में लिखा है, “यात्री ने कथित तौर पर करीब सुबह 7:30 बजे इमिग्रेशन काउंटर नंबर 47 (जोन-2) के फ्लैप गेट से छलांग लगाई और इसके बाद भारतीय कस्टम्स एरिया को पार कर गया. इसके बाद यात्री टर्मिनल 3 की बिल्डिंग से बाहर निकल गया. एयर इंडिया की ओर से दिए गए एक पत्र के जरिए इस पूरी घटना की जानकारी इमिग्रेशन अथॉरिटी को दी गई.”

दिल्ली पुलिस ने अक्टूबर में फिट्जपैट्रिक के खिलाफ इमिग्रेशन और विदेशी अधिनियम, 2025 के तहत मामला दर्ज किया था और जांच शुरू की थी. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस साल जून में अनट्रेस्ड रिपोर्ट दाखिल कर दी. इसमें कहा गया कि पुलिस फिट्जपैट्रिक को ढूंढने में असमर्थ रही.

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणव जोशी ने इस साल जून में अपने दैनिक आदेश में कहा था, “SHO IGI एयरपोर्ट को आरोपी को ढूंढने के लिए और कोशिश करने और NDOH (सुनवाई की अगली तारीख) पर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है.”

करीब एक महीने बाद फिट्जपैट्रिक को सशस्त्र सीमा बल ने महाराजगंज में सीमा स्तंभ नंबर 516 के पास भगवानपुर पुलिस चौकी के तहत आने वाले एक रास्ते से पकड़ा. इसके बाद उसे आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया.

जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में अधिकारियों से बचकर भागने के बाद फिट्जपैट्रिक कर्नाटक के मैसूर और गोवा गया था. इसके बाद उसने महाराजगंज में खुले जमीन वाले बॉर्डर के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश की.

एक अन्य अधिकारी ने कहा, “उसने कैलिफोर्निया के एक रिहायशी पते का फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर दूसरी पहचान अपना ली थी.” अधिकारी ने कहा, “उसने यह मानकर नेपाल जाने का रास्ता चुना कि कानून लागू करने वाली एजेंसियों और इमिग्रेशन अधिकारियों से बचने के लिए यह रास्ता उसके लिए ज्यादा सुरक्षित होगा.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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