चेन्नई, 23 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा (नीट) को पूरी तरह खत्म करने की मांग को लेकर तमिलनाडु में बृहस्पतिवार को विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। छात्र संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने चेन्नई, मदुरै और इरोड में एक साथ प्रदर्शन किए।
दिल्ली में भी नीट प्रश्नपत्र और प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों को लेकर प्रदर्शन जारी हैं।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआी) के सदस्यों ने मदुरै के तिरुपरनकुंद्रम में रेलवे ट्रैक जाम कर दिया और नीट खत्म करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने तिरुपरनकुंद्रम स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के बाद उसे रोक दिया, जिससे पुलिस और छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच रेलवे ट्रैक पर धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई।
इसी तरह, एसएफआई और डीवाईएफआई के सदस्यों ने इरोड जिला कलेक्ट्रेट के पास सड़क जाम कर दी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर सख्ती बरतने का आरोप लगाया। पुरुष कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस वाहन के अंदर उनकी पिटाई की।
कॉलेज के छात्रों के एक समूह ने भी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के कार्यालय में धरना दिया। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट को पूरी तरह खत्म करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार और जमीनी स्तर पर आंदोलन ही आगे का रास्ता है।
उन्होंने इस मुद्दे पर व्यापक जनाक्रोश के बावजूद केंद्र सरकार की चुप्पी की आलोचना की और आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया।
छात्रों ने कहा कि केंद्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाएं राज्य बोर्ड के छात्रों को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने मांग की कि दाखिला फिर से प्रत्येक राज्य की नीति के अनुसार मेरिट के आधार पर दिया जाए।
एक ओर बॉलीवुड कलाकार आलिया भट्ट और सलमान खान ने सोशल मीडिया पर अपना समर्थन जताया, वहीं दक्षिण भारतीय फिल्म जगत की कई हस्तियां चेन्नई की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन में शामिल हुईं।
इससे पहले तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने पत्रकारों से कहा कि राज्य सरकार नीट के मुद्दे पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन करेगी।
उन्होंने कहा, “तमिलनाडु सरकार का हमेशा से यही रुख रहा है कि नीट परीक्षा नहीं होनी चाहिए। नीट को खत्म करना ही इसका स्थायी समाधान है।”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने ‘एक्स’ पर लिखा कि, ‘लोगों के अलग-अलग विचार हो सकते हैं, लेकिन शिक्षा मंत्री का इस्तीफा निश्चित रूप से स्थिति को शांत करने में मदद करेगा।’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने अपनी पोस्ट में कहा, ‘नीट जैसी प्रवेश परीक्षाओं का असली उद्देश्य गरीब, वंचित, शोषित, ग्रामीण और सरकारी स्कूलों के छात्रों के उच्च शिक्षा, खासकर मेडिकल शिक्षा के सपनों को तोड़ना है। द्रमुक इस बाधा को तोड़ने के लिए हमेशा तलवार हाथ में लेकर सबसे आगे खड़ी रहेगी।’
भाषा जोहेब रंजन
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