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Thursday, 7 May, 2026
होमदेशविजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं देना तमिलनाडु के जनादेश का अपमान होगा: कमल हासन

विजय को सरकार बनाने का न्योता नहीं देना तमिलनाडु के जनादेश का अपमान होगा: कमल हासन

एक्स पर किए गए पोस्ट में कमल हासन ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य में अभूतपूर्व स्थिति पैदा कर दी है, जहां किसी भी एक पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला.

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चेन्नई: मक्कल नीधि मय्यम (एमएनएम) के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद कमल हासन ने गुरुवार को कहा कि तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करना, राज्य की जनता के जनादेश का अपमान होगा.

एक्स पर किए गए पोस्ट में कमल हासन ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य में अभूतपूर्व स्थिति पैदा कर दी है, जहां किसी भी एक पार्टी को अपने दम पर बहुमत नहीं मिला.

उन्होंने कहा, “तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जनता ने किसी भी एक पार्टी को अकेले सरकार बनाने का अधिकार नहीं दिया है. तमिलनाडु के इतिहास में यह स्थिति पहली बार देखने को मिली है.”

कमल हासन ने निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के चुनावी नतीजों पर दिए गए बयान की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “मेरे भाई एमके स्टालिन ने कहा है कि ‘हम जनता के फैसले का सम्मान करते हैं और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएंगे.’ मैं उनकी राजनीतिक परिपक्वता का सम्मान करता हूं.”

हासन ने कहा कि अब संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करें और सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का मौका दें.

उन्होंने कहा, “यह कोई मांग नहीं है, बल्कि संवैधानिक जिम्मेदारी की याद दिलाना है. श्री @TVKVijayHQ के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कड़गम ने 108 सीटें जीती हैं. उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करना तमिलनाडु की जनता के जनादेश का अपमान होगा. 233 निर्वाचित सदस्य अभी तक शपथ नहीं ले पाए हैं. यह राज्य का अपमान है और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने जैसा है.”

कमल हासन ने एसआर बोम्मई मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है कि बहुमत का परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए, राजभवन में नहीं. मैं जो कह रहा हूं वह पार्टी राजनीति नहीं है. यह एक भारतीय नागरिक की नीति आधारित आवाज है. तमिलनाडु की जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए.”

इसी बीच, विजय ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन चेन्नई स्थित लोक भवन में तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात की. सरकार बनाने की कोशिशों के बीच टीवीके प्रमुख के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे.

टीवीके ने कांग्रेस विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया है. इसके बाद गठबंधन की कुल संख्या 112 हो गई है, जो 234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के आंकड़े 118 से पांच कम है.

इस बीच विपक्षी दलों और नेताओं का समर्थन भी बढ़ता जा रहा है. वीसीके प्रमुख थोल तिरुमावलवन और तमिलनाडु सीपीआई इकाई ने भी राज्यपाल से विजय को सदन में बहुमत साबित करने का मौका देने की मांग की है.

टीवीके ने राज्य की ‘द्रविड़’ राजनीति करने वाली पार्टियों को बड़ा झटका दिया है और डीएमके-एआईएडीएमके के तीन दशक पुराने राजनीतिक दबदबे को खत्म कर दिया है. हालांकि विजय विधानसभा चुनाव में जीती गई दो सीटों में से एक सीट छोड़ने वाले हैं, जिसके बाद विधानसभा में टीवीके की प्रभावी संख्या 107 रह जाएगी.

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