(फाइल फोटो के साथ)
श्रीनगर, 22 अक्टूबर (भाषा) पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित सौ साल से अधिक पुरानी एक मस्जिद को खाली कराने का नोटिस दिए जाने को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार की आलोचना की।
मुफ्ती ने सरकार पर देश के मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं की ‘‘पूरी तरह अनदेखी करने’’ का आरोप लगाया।
अधिकारियों ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रधानमंत्री आवास के बेहद करीब स्थित ‘रेस कोर्स मस्जिद’ को खाली करने का नोटिस दिया है। साथ ही इसकी पानी और बिजली की आपूर्ति भी काट दी गई है।
महबूबा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुस्लिम देशों में मस्जिदों का दौरा करना, उनकी भव्यता की तारीफ करना और इस्लाम से जुड़ी भावनाओं तथा विरासत के प्रति सम्मान प्रदर्शित करना। लेकिन दूसरी ओर अपने ही देश में प्रधानमंत्री आवास के पास स्थित 120 साल पुरानी ऐतिहासिक मस्जिद को खाली करने का नोटिस दिया जा रहा है, जिससे उसके अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। विदेशों में मस्जिदों की तारीफ करना और भारत के अपने मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को नजरअंदाज करना, इस तरह का विरोधाभास वाकई हैरान करने वाला है।’’
अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद प्रबंधन को 19 अक्टूबर के आस-पास जगह खाली करने का नोटिस मिला था और उन्हें परिसर खाली करने के लिए छह दिन का समय दिया गया था।
केंद्र सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलडीओ) के अंतर्गत आने वाली जमीन के रूप में इस भूखंड की पहचान करते हुए नोटिस में अनधिकृत कब्जे और निर्माण के खिलाफ चेतावनी दी गई थी।
एलडीओ ने कहा कि मस्जिद का ढांचा सरकारी जमीन पर बना है और वह इसे अतिक्रमण मानता है।
भाषा सुरभि वैभव
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