चेन्नई: तमिलनाडु BJP के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शनों से निपटने के केंद्र सरकार के तरीके की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि इस समूह को उन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, जिन्हें वह जरूरी मानता है. X पर एक पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों और बयानों को “राष्ट्र-विरोधी और विदेशी ताकतों से फंड मिलने वाला” बताना “सच कहूं तो थका देने वाला और बोरिंग हो गया है”.
अन्नामलाई ने 2011 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिए एक बयान का जिक्र किया, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. अन्नामलाई के मुताबिक, मोदी ने कहा था कि अगर रामलीला मैदान में भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई के मामले में वह उस समय दिल्ली में होते, तो केंद्र सरकार के खिलाफ “युद्ध छेड़ देते”.
अन्नामलाई ने कहा कि उस समय मोदी का रुख उन्हें सही लगता था और उन्हें उस भावना में कुछ भी गलत नहीं लगा. हालांकि, उन्होंने कहा कि आज सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वालों को अनिश्चित समय तक जेल में रहना पड़ सकता है और उनकी जमानत के लिए खड़े होने वाले लोगों को भी खारिज किया जा सकता है. उन्होंने कहा, “अगर आप लोकतंत्र में कानून की तय प्रक्रिया का उल्लंघन किए जाने पर सवाल उठाते हैं, तो आपको तरह-तरह के नाम दिए जाएंगे और आप पर लगातार हमले होंगे. यहां तक कि आपको विदेशी एजेंट भी कहा जाएगा.”
उनका यह बयान तब आया, जब BJP समर्थकों ने CJP के प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की निंदा करने और दिल्ली पुलिस के मामले से निपटने के तरीके पर सवाल उठाने के लिए उनकी आलोचना की. मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए अन्नामलाई ने कहा था कि वह इस समूह के तरीकों से सहमत नहीं हैं और उसकी कुछ सोच को गलत मानते हैं, लेकिन उन्होंने सरकार का विरोध करने के उसके अधिकार का समर्थन किया.
बुधवार को X पर अपनी पोस्ट में अन्नामलाई ने कहा कि मीडिया से बातचीत के बाद उन पर “फिर से हमले शुरू हो गए हैं”. BJP के उन लोगों को जवाब देते हुए, जिन पर उन्होंने अपनी सुविधा के हिसाब से बातें भूल जाने का आरोप लगाया, उन्होंने याद दिलाया कि वह 5 जून 2026 को ही पार्टी छोड़ चुके थे.
In 2011, then Gujarat Chief Minister Thiru @narendramodi avl said that if his hands were not tied, he would have gone to Delhi and waged war against the central government. Thiru Narendra Modi avl made this statement in response to the police crackdown on the peaceful…
— K.Annamalai (@annamalai_k) October 21, 2026
उन्होंने यह भी याद किया कि तमिलनाडु में NEET परीक्षा के खिलाफ आंदोलन के दौरान जब उन्होंने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की अपील की थी, तब भी उन्हें “लगातार हमलों” का सामना करना पड़ा था. उन्होंने लिखा, “…लेकिन मैंने उन बातों को नजरअंदाज कर दिया, क्योंकि मुझे लगा कि तमिलनाडु में जमीन पर मौजूद मुद्दों पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. एक तरह से मुझे यह अच्छा भी लगा, क्योंकि इससे जल्दी ही यह ठप्पा हट जाता कि मैं BJP की बी टीम हूं और मुझे तमिलनाडु में ‘धुरंधर’ बनाकर भेजा गया है.”
CJP प्रदर्शनकारियों के मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
अन्नामलाई ने सवाल उठाया कि CJP द्वारा जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगने के बाद उस जगह को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने का फैसला क्यों लिया गया.
उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों से जुड़ी एहतियाती बॉन्ड की कार्यवाही में एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ACP), स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के तौर पर काम कर रहा था. इस मामले में शिकायत भी दिल्ली पुलिस ने ही दर्ज कराई थी. CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत से जुड़ी कार्यवाही का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस का ACP उस सुनवाई की अध्यक्षता कर रहा है, जिसमें आरोपी CJP के खिलाफ शिकायतकर्ता खुद दिल्ली पुलिस है.”
दास और रांका को राष्ट्रीय ध्वज लेकर जंतर-मंतर में प्रवेश करने के बाद गिरफ्तार किया गया था. इससे पहले उस जगह को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था. अन्नामलाई ने हाल ही में हुई जमानत की सुनवाई से जुड़ी परिस्थितियों पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि SEM जानबूझकर देर से पहुंचे और फिर अपनी जान को खतरा बताते हुए मामले से अलग हो गए. उन्होंने पूछा, “क्या यह किसी तरह का मजाक है?”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जमानत देने के लिए पेश किए गए आठ जमानतदारों को क्यों खारिज कर दिया गया और जमानतदार बनने के लिए खुद आगे आए एक व्यक्ति से भी जिरह क्यों की गई.
दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करने के बाद दास और रांका को बुधवार को रिहा कर दिया गया. वे सात दिन से न्यायिक हिरासत में थे.
‘CJP को मुफ्त में प्रचार’
BJP पर एक और निशाना साधते हुए अन्नामलाई ने सवाल किया कि क्या पार्टी अनजाने में CJP की पहुंच बढ़ाने में उसकी मदद कर रही है. उन्होंने दिल्ली की रामलीला में कॉकरोच के एक पुतले का जिक्र किया, जिसे दशहरे के दौरान जलाया जाना था. उनके मुताबिक, इसका आयोजन BJP विधायक अशोक गोयल के नेतृत्व में किया गया था. उन्होंने सवाल किया कि राष्ट्रीय स्तर पर इस समूह का प्रचार कौन कर रहा है.
अन्नामलाई ने पूछा, “क्या BJP, CJP का विरोध कर रही है या उसे मुफ्त में प्रचार दे रही है?” उन्होंने कहा कि पार्टी के कदमों से CJP को ज्यादा पहचान मिल सकती है और वह विपक्ष के वोटों में बंटवारा भी कर सकती है. उन्होंने कहा कि इस संगठन को इससे बेहतर PR टीम नहीं मिल सकती थी, भले ही वह इसके लिए पैसे खर्च करता.
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी रामलीला समारोह के आयोजकों को “मुफ्त प्रचार” देने के लिए धन्यवाद दिया था. आयोजकों ने रावण के पुतले के साथ कॉकरोच का पुतला भी जलाने की योजना की घोषणा की थी.
अन्नामलाई ने केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शनों और बयानों को राष्ट्र-विरोधी या विदेशी फंडिंग से जुड़ा बताने की प्रवृत्ति की भी आलोचना की. उन्होंने बताया कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का संचालन गृह मंत्रालय करता है. उन्होंने तर्क दिया कि सरकार के पास विदेशी फंडिंग या दुश्मन ताकतों से संबंध होने के आरोपों की जांच करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं.
उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि केंद्र सरकार भूल जाती है कि उसे दिल्ली में सत्ता में आए 12 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इसके बावजूद, वह अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए हर समय कोई न कोई दुश्मन खड़ा करती रहती है.”