नई दिल्ली: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में जान गंवाने वालों के परिजनों को दिल्ली सरकार 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) देगी, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. यह घोषणा दिल्ली सरकार ने गुरुवार को की.
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साकेत स्थित मैक्स अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली. उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत की तथा अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
सीएमओ की ओर से जारी बयान में कहा गया, “प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी.”
सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि अस्पताल प्रशासन के साथ समन्वय कर घायलों के इलाज का पूरा ध्यान रखा जाएगा, ताकि सभी मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके. इसके अलावा, मृतकों के शवों को उनके गृह राज्यों या देशों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की जा रही है.
बयान में कहा गया, “दिल्ली सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय में शक्ति मिलने की प्रार्थना करते हैं.”
इस बीच, होटल में लगी भीषण आग की जांच जारी है. सूत्रों के अनुसार, जांच में पता चला है कि आग लगने के समय होटल की छत की ओर जाने वाला निकास द्वार बंद था, जिससे अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का एक महत्वपूर्ण रास्ता बाधित हो गया.
दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच के लिए 10 टीमें गठित की हैं. इनमें से पांच टीमें फरार होटल मैनेजर जय मिश्रा की तलाश में जुटी हैं. जांच एजेंसियां एक अहम प्रत्यक्षदर्शी की भी तलाश कर रही हैं, जिसकी गवाही से आग लगने की घटनाओं का क्रम स्पष्ट होने की उम्मीद है.
पूछताछ में होटल मालिक लोवकेश बजाज ने बताया कि वह तीन होटल संपत्तियों—लेमन ग्रीन, मिकासा और फ्लोरिश स्टे का मालिक है. सूत्रों के अनुसार, इनमें से दो होटल उसकी निजी संपत्ति हैं, जबकि मिकासा में वह तीन अन्य लोगों के साथ साझेदार है.
इस हादसे में कई लोगों की मौत हुई, जिनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. पुलिस अब तक मृत 12 विदेशी नागरिकों में से नौ की पहचान कर चुकी है और उनके विवरण विदेश मंत्रालय को भेज दिए गए हैं, ताकि उनके शवों को संबंधित देशों तक भेजा जा सके.
वहीं, मृतकों का पोस्टमार्टम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में किया जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, अब तक छह शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है. अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारण की पुष्टि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी. हालांकि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि अधिकांश लोगों की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई.
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने के सही कारण और संभावित लापरवाही का पता लगाने के लिए केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL) की टीम दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण कर सकती है.
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