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Thursday, 4 June, 2026
होमदेशIIT से आश्रम तक: ‘कॉरपोरेट नौकरी छोड़ो’ का संदेश देने वाला स्वयंभू गुरु यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार

IIT से आश्रम तक: ‘कॉरपोरेट नौकरी छोड़ो’ का संदेश देने वाला स्वयंभू गुरु यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार

पुलिस ने स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु अभिषेक मिश्रा को मथुरा आश्रम में महिलाओं और युवा इंजीनियरिंग स्नातकों के कथित यौन शोषण और मानसिक रूप से प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है.

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नई दिल्ली: आईआईटी रुड़की से पढ़ाई करने वाला एक युवक, जिसने भगवद गीता का प्रचार और “कॉरपोरेट की चूहा-दौड़ छोड़ने” का संदेश देकर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स बनाए थे, उसे मथुरा में गिरफ्तार किया गया है. उस पर आरोप है कि उसने आध्यात्मिक मार्गदर्शन के नाम पर भक्तों को अपने प्रभाव में लिया और महिलाओं का यौन शोषण किया.

आरोपी 29 साल का अभिषेक मिश्रा, जो आदिकर्ता नारायण दास के नाम से भी जाना जाता है, उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के राधाकुंड में 167 वर्गमीटर में बन रहे एक आश्रम से यूट्यूब और आमने-सामने प्रवचन देता था. उसके श्रोताओं में आईआईटी और एनआईटी के इंजीनियरिंग छात्र शामिल थे.

मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने दिप्रिंट को बताया कि मिश्रा आईआईटी रुड़की के 2017-2021 बैच में मैकेनिकल इंजीनियरिंग का छात्र था और ओडिशा के भुवनेश्वर का रहने वाला है. उसने इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स, पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों और इंजीनियरिंग की नौकरी करने वाले युवाओं का एक समूह तैयार कर लिया था और कथित तौर पर उन सभी का “ब्रेनवॉश” किया था.

ग्रामीण क्षेत्र के पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद रावत ने कहा कि जांच में पता चला है कि मिश्रा करीब छह साल से मथुरा स्थित इस परिसर में रह रहा था और खुद को गीता का प्रचारक बताता था, जो ऑनलाइन प्रवचन देता था.

उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “कई युवा, पढ़े-लिखे छात्र और नौकरीपेशा लोग उसकी बातों से प्रभावित हुए. वे उसके परिसर में आकर रहने भी लगे. उसने व्यवस्थित तरीके से उनका ब्रेनवॉश किया और उनका शोषण किया.”

मिश्रा को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को उसके परिसर से दो युवतियां और एक युवक भी मिले, जिन्हें बाद में उनके परिवारों को सौंप दिया गया. मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ की 22 साल की बीएससी नर्सिंग छात्रा ने 25 मई को गोवर्धन थाने में मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “महिला का आरोप है कि मिश्रा ने उसे दूध दिया और कहा कि यह ‘प्रसाद’ है, लेकिन उसमें नशीला पदार्थ मिला हुआ था. दूध पीने के बाद वह बेहोश हो गईं और फिर उनका बलात्कार किया गया. इसके अलावा मिश्रा ने उनके अश्लील वीडियो भी बनाए और तस्वीरें भी खींचीं.”

शिकायत मिलने के बाद पुलिस आश्रम पहुंची और वहां से मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस ने बताया कि मिश्रा के मोबाइल फोन से महिलाओं के कई अश्लील वीडियो और तस्वीरें मिली हैं, लेकिन अब तक केवल एक महिला ने ही शिकायत दर्ज कराई है.

पुलिस के अनुसार, 25 मई को मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) (जबरन वसूली), 351(2) (आपराधिक धमकी), 76 (महिला के कपड़े उतरवाने की नीयत से बल प्रयोग) और 75(2) (यौन उत्पीड़न) के तहत एफआईआर दर्ज की गई.

‘कॉरपोरेट नौकरी में संतोष नहीं मिलता’

मिश्रा ‘राधा कृपा अमृता’ नाम से एक यूट्यूब चैनल चलाता था, जिसके जरिए वह हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में प्रवचन देता था. पुलिस के अनुसार, वह एक बदले हुए नाम से लिंक्डइन पर भी अपना पेशेवर प्रोफाइल चलाता था.

अपने यूट्यूब चैनल के एक वीडियो में प्रवचन देता अभिषेक मिश्रा | स्क्रीनशॉट

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वह इन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सिर्फ अपने अनुयायी बढ़ाने के लिए नहीं करता था, बल्कि खास तौर पर युवा महिलाओं, विशेषकर इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि की महिलाओं को पहचानने और उन्हें अपने प्रभाव में लेने के लिए करता था.

वह अपने वीडियो के जरिए महिलाओं से संपर्क बनाता था और फिर उन्हें अपने परिवार से संबंध तोड़ने तथा उसके साथ रहने के लिए तैयार करता था. जब महिलाएं पूरी तरह उसके प्रभाव में आ जाती थीं, तब वह उन्हें गंधर्व विवाह (प्राचीन भारतीय परंपरा में प्रेम विवाह जैसा विवाह) का प्रस्ताव देता था.

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि आमतौर पर आईआईटी और एनआईटी के छात्र उसके प्रवचनों में रुचि लेते थे.

अधिकारी ने कहा, “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके वीडियो वायरल हो जाते थे. मिश्रा एक तय स्क्रिप्ट के अनुसार बात करता था. वह बताता था कि वह भी कभी उसी दौड़ का हिस्सा था—जेईई जैसी कठिन इंजीनियरिंग परीक्षा पास करने, शीर्ष आईआईटी में दाखिला लेने और फिर नौकरी पाने की दौड़.”

“मिश्रा को खुद 20 लाख रुपये सालाना का नौकरी का प्रस्ताव मिला था. उसने कुछ समय तक काम भी किया, लेकिन बाद में नौकरी छोड़ दी. वह भी आध्यात्मिक गुरुओं से प्रभावित था और मानता था कि वह दुनिया बदल सकता है.”

पुलिस के अनुसार, युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए मिश्रा कहता था कि “उसे भी नौकरी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उसने इस्कॉन (हरे कृष्ण आंदोलन) के बारे में जानने के बाद वह नौकरी छोड़ दी. वह लोगों से कहता था कि जीवन सिर्फ सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की कॉरपोरेट नौकरी नहीं है. लोगों को ब्रज आकर रहना चाहिए, अधिक आध्यात्मिक बनना चाहिए और आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच जीवन बिताना चाहिए.”

दूसरे पुलिस अधिकारी ने कहा, “वह अपने अनुयायियों से, जो कॉरपोरेट दौड़ का हिस्सा थे, कहता था कि वह भगवान को समझता है और भगवान से बात करता है. वह उन्हें बताता था कि कॉरपोरेट नौकरी में कोई संतोष नहीं है, असली संतोष सिर्फ मथुरा में है. ऐसे में उलझन में पड़े लेकिन पढ़े-लिखे युवा अपनी नौकरी या कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर मथुरा पहुंच जाते थे.”

पुलिस के अनुसार, अपने अनुयायियों में मिश्रा महिलाओं के ज्यादा करीब रहता था.

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि वह अपने साथ रहने वाले लोगों के परिवारों से पैसे भी वसूलता था और आसपास के इलाकों की अन्य युवा महिलाओं को भी अपने प्रभाव में लेने की लगातार कोशिश करता था. अधिकारियों ने बताया कि जो लोग उसके साथ रह रहे थे, उनमें से अधिकतर धीरे-धीरे उसके व्यवहार पर शक होने के बाद वहां से चले गए. हालांकि, शुरुआत में उसने उनका ब्रेनवॉश कर उन्हें अपने प्रति वफादार बनाए रखा था.

पुलिस के अनुसार, मिश्रा की मां भी पहले उसके साथ रहने के लिए मथुरा आई थीं, लेकिन जब उन्होंने देखा कि वह कई महिलाओं के संपर्क में है, तो वह मथुरा छोड़कर चली गईं.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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