नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) में हालिया टूट के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार शाम 5 बजे पार्टी नेताओं को बैठक के लिए बुलाया है. सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के सांसद अरविंद सावंत और अनिल देसाई लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर बागी सांसदों से जुड़े घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखेंगे.
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गुट को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया है. माना जा रहा है कि सावंत और देसाई लोकसभा अध्यक्ष से बागी सांसदों के गुट को मान्यता नहीं देने का अनुरोध करेंगे.
यह घटनाक्रम सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसदों के औपचारिक रूप से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के बाद सामने आया है. इसके साथ ही शिंदे गुट का ‘ऑपरेशन टाइगर’ सफल माना जा रहा है.
शिंदे गुट में शामिल होने वाले सांसदों में संजय हरिभाऊ जाधव, भाऊसाहेब राजाराम वाघचौरे, ओमप्रकाश भूपालसिंह निंबालकर, संजय दीना पाटिल, संजय उत्तमराव देशमुख और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकार शामिल हैं.
इस बीच राज्यसभा सांसद और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने छह सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद “महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ लड़ाई” का आह्वान किया.
संजय राउत ने एक्स पर बंदूक पकड़े हुए अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “ना थके कभी पैर, ना कभी हिम्मत हारी है. लड़ना है महाराष्ट्र के गद्दारों के खिलाफ, हौसला है बुलंद, सफर जारी है. जय महाराष्ट्र, जय भवानी, जय शिवाजी.”
वहीं शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने भी एकनाथ शिंदे पर हमला तेज़ करते हुए उन्हें बार-बार “फेकनाथ मिंदे” कहा.
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