गंगानगर: 22 जून को गोमती देवी (बदला हुआ नाम) घबराई हुई हालत में पुलिस थाने पहुंचीं. इसकी वजह भी थी. उनकी 13 साल की बेटी पिछले चार दिनों से लापता थी.
पुलिस थाने के अंदर एक लड़की बैठी थी, जिसे वह पहली नजर में पहचान नहीं पाईं.
उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “मुझे फोन आने के बाद मैं तुरंत पुलिस थाने पहुंची. वहां मैंने एक लड़की को क्रॉप टॉप, जींस, गहरे रंग की लिपस्टिक और बहुत सारा मेकअप किए हुए देखा. पुलिस ने कहा कि यह मेरी बेटी है, लेकिन मैं उसे पहचान नहीं पाई.”
जब उस लड़की ने अपना दुपट्टा दिखाया, तब जाकर गोमती देवी को एहसास हुआ कि वह उनकी ही बेटी है. उसी पल गोमती देवी की दुनिया जैसे उजड़ गई. वह और उनके पति, जो मूल रूप से हरियाणा के रहने वाले हैं और दिहाड़ी मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में काम करते हैं, बड़ी मुश्किल से परिवार चलाते हैं.
पुलिस के मुताबिक, इस लड़की के साथ चार दिनों तक दो दर्जन से ज्यादा लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया. पुलिस ने उसे एक होटल से छुड़ाया, जहां उसे बंधक बनाकर रखा गया था. अब तक होटल मालिकों और मैनेजरों समेत 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
श्रीगंगानगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने दिप्रिंट से कहा, “जब हमें एक नाबालिग लड़की के लापता होने की सूचना मिली, तो तय प्रक्रिया के तहत उसकी तस्वीरें साझा की गईं. कुछ ही मिनटों में हमारे बीट स्टाफ को पता चला कि उसी से मिलती-जुलती एक तस्वीर, जिसमें लड़की ने मेकअप किया हुआ था, शहर के कुछ लोगों के बीच घूम रही है.”
इसके बाद कई होटलों में छापेमारी की गई और लड़की को जॉय इन होटल से छुड़ाया गया. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जब हम मौके पर पहुंचे, तो वह होटल के एक कमरे में मिली. होटल का सफाई कर्मचारी उस पर नजर रख रहा था.”
नाबालिग को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि उसके शरीर पर कई चोटें थीं और उसके निजी अंगों से बहुत ज्यादा खून बह रहा था. कुमार ने दिप्रिंट से कहा, “मेडिको-लीगल जांच में पुष्टि हुई कि उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था. शुरुआती इलाज के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी देकर परिवार के हवाले कर दिया गया.”
मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंगानगर के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को 15 दिनों के भीतर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
इस बीच जिला प्रशासन ने जॉय इन समेत तीन होटलों को ढहा दिया है ताकि ऐसे होटल चलाने वालों को सख्त संदेश दिया जा सके. इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) बनाया गया है. इस घटना से पूरे श्रीगंगानगर में सनसनी फैल गई है.
वह सफर जिसने जिंदगी बदल दी
कम आमदनी की वजह से गोमती देवी अपनी दो बेटियों के साथ एक साधारण ईंट के मकान में रहती हैं. दुष्कर्म की शिकार लड़की दोनों बहनों में छोटी है. उनके पति अपने काम की वजह से अक्सर घर से बाहर रहते हैं.
18 जून को नाबालिग लड़की लापता हो गई थी. यह सब तब शुरू हुआ, जब वह एक ऐसे युवक से मिलने गई जो पहले उनके घर के आसपास काम करता था. दोनों की पहचान इंस्टाग्राम पर हुई थी.
गोमती देवी को आज भी वह दिन याद है, जब उन्हें एहसास हुआ कि उनकी बेटी घर में नहीं है. करीब 10 घंटे की ड्यूटी के बाद वह ताजा दूध और बिस्कुट का पैकेट लेकर घर लौटी थीं. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “मैं काम के दौरान चाय पी लेती हूं, लेकिन मेरी बेटी नहीं पीती. इसलिए मैं उसके लिए घर जाकर गर्म चाय बनाने को लेकर खुश थी.”
जब वह घर पहुंचीं तो मुख्य दरवाजा खुला था. उन्होंने बेटी को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने घर के दोनों कमरे और बाथरूम देखा, लेकिन बेटी कहीं नहीं मिली.

इसके बाद गोमती देवी बेटी का नाम पुकारते हुए घर से बाहर दौड़ पड़ीं. उन्होंने दिप्रिंट से कहा, “मुझे लगा कि शायद वह अपनी किसी सहेली के घर गई होगी. लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली, तो मेरा दिल घबराने लगा.”
उन्होंने कहा, “पड़ोसियों ने कहा कि शायद वह घर से भाग गई होगी, लेकिन मुझे इस बात पर विश्वास नहीं हुआ. हम पुलिस थाने गए और बेटी के लापता होने की सूचना दी.”
अगले चार दिनों तक गोमती देवी ठीक से कुछ खा-पी नहीं सकीं. उन्होंने कहा, “बस उसकी शक्ल सामने आती थी और लगता था कि वह मुझे बुला रही है.”
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि 18 जून को लड़की विजयनगर में कार डेकोरेटर गुरजीत से मिलने गई थी. गुरजीत फिलहाल पुलिस हिरासत में है.
दीपक कुमार ने कहा, “लड़की ने हमें बताया कि वह गुरजीत को जानती थी, लेकिन उससे सिर्फ इंस्टाग्राम पर बात होती थी. उसी के कहने पर वह उससे मिलने गई थी. गुरजीत उसे एक सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ जबरदस्ती की. जब उसे लगा कि लड़की इस बात से परेशान है, तो उसने उसे श्रीगंगानगर जाने वाली बस में बैठा दिया और वहीं छोड़ दिया.”
शाम को जब लड़की बस से उतरकर ऑटो का इंतिजार कर रही थी, तभी रामबाबू नाम का एक ऑटो चालक उसके पास आया और उसे घर छोड़ने की बात कही.
नाबालिग ने दिप्रिंट से कहा, “मैंने उसे अपने घर का पता बताया और वह तुरंत तैयार हो गया. कुछ देर बाद उसने एक होटल के सामने ऑटो रोक दिया और कहा कि उसे थोड़ा काम है, वह दो मिनट में वापस आएगा.”
पुलिस के मुताबिक, चालक होटल के अंदर गया और कुछ मिनट बाद बाहर आया. लड़की ने कहा, “मैं बार-बार कह रही थी कि मुझे देर हो रही है और मेरी मां परेशान होगी.”
लड़की को बस इतना याद है कि उसकी आंखें खुली थीं, लेकिन वह कुछ महसूस नहीं कर पा रही थी और न ही विरोध कर पा रही थी. उसने कहा, “मेरी आंखों के सामने लोग और उनकी हरकतें दिख रही थीं, लेकिन उन्होंने मुझे कोई नशीला पदार्थ दे दिया था. फिर मुझे ऑटो से घसीटकर जॉय इन होटल ले जाया गया.”
पुलिस ने दिप्रिंट को बताया कि नाबालिग का बयान दर्ज कर लिया गया है और अब फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतिजार है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे कोई नशीला पदार्थ दिया गया था या नहीं.
शुरुआती जांच में पता चला कि रामबाबू 19 जून की सुबह तीन बजे तक लड़की को जॉय इन होटल में रखे रहा. कुमार ने कहा, “उसने लड़की के साथ दुष्कर्म किया और फिर जॉय इन के मैनेजर मयंक से बात करके उसे कमरे में छोड़ दिया.”
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मयंक ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया. आरोप है कि उसने लड़की को आपत्तिजनक कपड़े पहनाए, उसका मेकअप कराया और उसकी तस्वीरें खींचकर अपने ग्राहकों के बीच भेजनी शुरू कर दीं.
इन्हीं तस्वीरों में से एक बीट अधिकारी की नजर में आई. उसे मेकअप की हुई लड़की और लापता किशोरी के बीच समानता दिखी. वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारे बीट अधिकारी ने तुरंत हमें जानकारी दी और इसके बाद तलाश शुरू हुई.”
नाबालिग के बयान, होटल के सीसीटीवी फुटेज और मयंक व जॉय इन के संचालक हरदीप से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि 18 से 22 जून के बीच लड़की को जॉय इन से होटल ड्रीम और होटल सैफायर ले जाया गया, जहां कई लोगों ने उसके साथ दुष्कर्म किया.
तीनों होटल भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्थित हैं, जहां लोगों की आवाजाही लगातार रहती है. दिप्रिंट को यह भी पता चला कि होटल ड्रीम के ठीक बाहर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिस की ड्यूटी रहती है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा, “मयंक और हरदीप हर ग्राहक से 1,500 से 2,000 रुपये तक वसूलते थे. इसमें से कुछ हिस्सा दूसरे दो होटलों के मैनेजरों को भी दिया जाता था.”
जांच के मुताबिक, 18 से 22 जून के बीच 25 से ज्यादा लोगों ने तीनों होटलों में ग्राहक बनकर पहुंचकर नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया.
गिरफ्तार किए गए 21 लोगों में गुरजीत, उसका वह दोस्त जिसने विजयनगर में बाइक पर दोनों को घुमाया, ऑटो चालक रामबाबू, चार दिन तक पूरे घटनाक्रम की साजिश रचने वाला मयंक और वह तरुण भी शामिल है, जिसने लड़की को एक होटल से दूसरे होटल पहुंचाया.
इसके अलावा 19 से 55 साल की उम्र के कई अन्य कथित ग्राहक भी गिरफ्तार किए गए हैं. बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सामूहिक दुष्कर्म, नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और अपहरण से जुड़ी धाराओं के अलावा पॉक्सो (POCSO) कानून और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.
दूसरी एफआईआर
इस बीच सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो तेजी से फैलने लगे, जिनमें अफवाह उड़ाई जा रही थी कि दुष्कर्म की शिकार नाबालिग की मौत हो गई है. खास तौर पर दो वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन को बयान जारी कर कहना पड़ा कि ये वीडियो फर्जी और भ्रामक हैं.
वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 4 जुलाई को दूसरी एफआईआर दर्ज की. दिप्रिंट के पास मौजूद एफआईआर के मुताबिक, Satyanewstoday नाम के एक यूजर पर फर्जी वीडियो साझा करने का आरोप लगाया गया है. एफआईआर में कहा गया, “इससे सीधे या परोक्ष रूप से नाबालिग की पहचान उजागर होने का खतरा पैदा होता है.”
पुलिस ने Satyanewstoday के यूजर और कई अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 73 के तहत मामला दर्ज किया है. इस धारा के तहत अदालत की अनुमति के बिना यौन उत्पीड़न जैसे संवेदनशील मामलों की न्यायिक कार्यवाही से जुड़ी जानकारी छापना या प्रकाशित करना दंडनीय अपराध है. इसके अलावा पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) कानून और आईटी एक्ट की धाराएं भी लगाई हैं.
घटना के बाद का असर
इस सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर राजस्थान के इस इलाके में भारी गुस्सा है. कांग्रेस की प्रदेश महासचिव कमला बिश्नोई ने कहा, “यह एक छोटा शहर है, जहां लगभग सभी लोग एक-दूसरे को जानते हैं. ऐसे में एक छोटी बच्ची को जबरन पहले एक होटल और फिर दूसरे होटलों में ले जाया गया, लेकिन किसी को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी?”
13 साल की बच्ची को छुड़ाए जाने के बाद श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने जॉय इन होटल को ढहा दिया.

कांग्रेस ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया है. कमला बिश्नोई ने दिप्रिंट से कहा, “पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने में तेजी दिखाई है, लेकिन हमारी मांग है कि उन्हें जमानत न मिले और सरकार परिवार को मुआवजा दे, ताकि बच्ची का भविष्य बेहतर बनाया जा सके.”
इस मामले के बाद इलाके के लोगों में बिना अनुमति चल रहे होटलों को लेकर भी भारी नाराजगी देखने को मिली है. अब ऐसे होटलों के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें गिराने की मांग तेज हो गई है.
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित यह शहर अपने पुराने किलों, मंदिरों और व्यस्त बाजारों की वजह से पर्यटकों को आकर्षित करता है. पिछले कुछ वर्षों में यहां होटल और लॉज की संख्या तेजी से बढ़ी है.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार ने कहा, “1 जुलाई को जॉय इन, होटल ड्रीम और होटल सैफायर को ढहा दिया गया. साथ ही इन सभी होटलों के कामकाज की गहराई से जांच भी शुरू कर दी गई है.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)