नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में कॉकरेच जनता पार्टी के एक समर्थक के पिता की 15 अगस्त को मौत हो गई. पुलिस और परिवार ने रविवार को दिप्रिंट को बताया कि इसके दो दिन पहले, बेटे के बचपन में पढ़े स्कूल की हालत का वीडियो बनाने से नाराज कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसके घर में घुसकर उसके पिता पर हमला किया था. यह वीडियो CJP के स्कूल ठीक करो अभियान के तहत बनाया गया था.
अब्दुल हाफिज ने इस हमले के लिए BJP कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने बताया कि हमले में लगी चोटों के कारण उनके पिता की मौत बांकुड़ा के एक सरकारी अस्पताल में हुई, जहां उन्हें हमले के बाद ले जाया गया था.
“मेरे पिता की शनिवार को मौत हो गई. इन BJP के स्थानीय नेताओं ने उन पर बेरहमी से हमला किया था. इसके करीब डेढ़ दिन बाद उनकी मौत हो गई,” हाफिज ने रविवार को दिप्रिंट से फोन पर कहा.
बांकुड़ा के पुलिस अधीक्षक वीजी सतीश पसुमर्थी ने कहा कि पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लिया है. “हमें बताया गया है कि उनकी (हाफिज की) मां शिकायत दर्ज कराने आ रही हैं. हम कानूनी कार्रवाई करेंगे.”
इंडस पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट से कहा, “हमें पता चला है कि उनके (अब्दुल हाफिज के) पिता की शनिवार को मौत हो गई. लेकिन हमें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है और कोई FIR दर्ज नहीं हुई है.”
इस बीच BJP ने कहा है कि अगर उनके कार्यकर्ता इसमें शामिल हैं और पुलिस शिकायत में उनके नाम हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
“लेकिन क्या इस व्यक्ति ने तब सोशल ऑडिट करने की हिम्मत की थी, जब TMC की सरकार सत्ता में थी? यह सिर्फ TMC और लेफ्ट का नए BJP को बदनाम करने का एक तरीका है,” BJP बंगाल की प्रवक्ता केया घोष ने हमले के एक दिन बाद, शुक्रवार को दिप्रिंट से कहा था. उस समय हाफिज के पिता की मौत नहीं हुई थी.
हाफिज, जिन्होंने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शनों में भी हिस्सा लिया था, ने कहा कि वह स्कूलों की सामाजिक जांच में योगदान देना चाहते थे ताकि स्कूलों की सुविधाओं में सुधार हो सके. गुरुवार को वह करिसुंडा प्राथमिक विद्यालय गए, जहां उन्होंने एक छात्र के रूप में पढ़ाई की थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने वहां कुछ वीडियो बनाए और फिर घर लौट आए.
रात करीब 8 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे, उसे घेर लिया और कथित तौर पर उन्हें और उनके बुजुर्ग पिता को भी पीटा. उन्होंने कहा कि उन लोगों ने उनका फोन छीन लिया और उन्हें स्कूल के बनाए गए वीडियो और जंतर-मंतर पर बनाए गए वीडियो भी डिलीट करने के लिए मजबूर किया.
“वे ब्लेड और धारदार हथियार लेकर मुझ पर टूट पड़े और मेरे पिता को इतनी बुरी तरह पीटा कि उनके सिर में टांके लगाने पड़े,” हाफिज ने कहा. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उनका परिवार अस्पताल और पुलिस स्टेशन गया, तो कथित हमलावरों ने वहां भी उन्हें घेर लिया और धमकी दी कि अगर उन्होंने भविष्य में ऐसे वीडियो बनाए तो उन्हें मार दिया जाएगा.
“वे ब्लेड और धारदार हथियार लेकर मुझ पर टूट पड़े और मेरे पिता को इतनी बुरी तरह पीटा कि उनके सिर में टांके लगाने पड़े,” हाफिज ने कहा.
एसपी पसुमर्थी ने शुक्रवार को दिप्रिंट को बताया कि स्थानीय इंडस स्टेशन की पुलिस को गुरुवार रात घटना की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए थे और हाफिज के पिता को स्थानीय सरकारी अस्पताल ले गए थे.
“हमें गुरुवार रात पता चला कि हाफिज और उनके परिवार पर हमला हो रहा है और तुरंत एक टीम मौके पर पहुंची. एक स्थानीय ड्राइवर की मदद से हमने उनके माता-पिता को वहां से निकाला और अस्पताल पहुंचाया,” SP ने कहा.
उन्होंने आगे कहा, “हमें अभी तक हाफिज की लिखित शिकायत नहीं मिली है और शिकायत मिलते ही हम कार्रवाई करेंगे.”
CJP के सह-संयोजक आशुतोष रंका ने BJP और पश्चिम बंगाल पुलिस की आलोचना की. उन्होंने लिखा, “इंडस पीएस, बांकुड़ा जिले, पश्चिम बंगाल से हमारे समर्थक अब्दुल हाफिज को पास के स्कूल जाने पर BJP के गुंडों ने पीटा. वह #SchoolThikKaro अभियान के तहत स्कूल गए थे. उनके पिता को भी बेरहमी से पीटा गया.
“@WBPolice – क्या आप अभी भी पश्चिम बंगाल की पुलिस हैं या पहले ही @BJP4Bengal की पुलिस बन चुकी हैं? अपने कामों के जरिए हमें बताएं, उसी के हिसाब से हम बंगाल के कॉकरेचों को निर्देश देंगे.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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