scorecardresearch
Thursday, 22 October, 2026
होमदेशअर्थजगतआईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के बाद सरकार,एलआईसी सार्वजनिक शेयरधारक बनेंगे: दीपम सचिव

आईडीबीआई बैंक की रणनीतिक बिक्री के बाद सरकार,एलआईसी सार्वजनिक शेयरधारक बनेंगे: दीपम सचिव

Text Size:

नयी दिल्ली, 22 अक्टूबर (भाषा) निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा कि सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स लिमिटेड को प्रस्तावित रणनीतिक बिक्री के बाद आईडीबीआई बैंक में सार्वजनिक शेयरधारक बनाने की योजना है। उनकी हिस्सेदारी अधिकतम 15 प्रतिशत होगी और बैंक के निदेशक मंडल में उनका कोई प्रतिनिधित्व नहीं होगा।

उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद बैंक चलाने और जरूरत पड़ने पर उसमें पूंजी डालने की जिम्मेदारी रणनीतिक खरीदार की होगी।

चावला ने कहा, ‘‘भारत सरकार और एलआईसी दोनों सार्वजनिक शेयरधारक बनना चाहते हैं। सार्वजनिक शेयरधारक बनने के लिए आपकी इक्विटी हिस्सेदारी 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। आप निदेशक मंडल में भी शामिल नहीं हो सकते। अन्यथा बैंक के लिए आपकी संभावित देनदारी भी उतनी ही होगी, जितनी किसी प्रवर्तक की होती है।’’

दीपम सचिव ने कहा कि रणनीतिक पुनर्गठन के बाद बैंक के प्रबंधन और समय-समय पर उसमें पूंजी डालने की जिम्मेदारी रणनीतिक खरीदार की होगी।

उन्होंने कहा कि बाजार नियामक ने एलआईसी को आईडीबीआई बैंक में अपनी हिस्सेदारी मौजूदा 19 प्रतिशत से 15 प्रतिशत करने का निर्देश भी दिया है।

इससे बैंक में सार्वजनिक शेयरधारिता चार प्रतिशत बढ़ जाएगी। इससे खुदरा निवेशकों और अन्य सार्वजनिक शेयरधारकों के लिए अधिक शेयर उपलब्ध होंगे।

सरकार ने आईडीबीआई बैंक में 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स को करीब 53,000 करोड़ रुपये (5.5 अरब अमेरिकी डॉलर) में बेचने को पिछले सप्ताह मंजूरी दी थी। यह किसी भारतीय बैंक में सबसे बड़ा विदेशी निवेश होगा और देश में लंबे समय से अटकी बैंकिंग क्षेत्र के निजीकरण की मुहिम में एक महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।

फेयरफैक्स सरकार की 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी, जिसका मूल्य करीब 26,620 करोड़ रुपये है। इसके अलावा वह एलआईसी की 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी भी खरीदेगी, जिसका मूल्य करीब 26,440 करोड़ रुपये है।

कनाडा के अरबपति प्रेम वत्स के नेतृत्व वाली फेयरफैक्स प्रति शेयर 81 रुपये का भुगतान करेगी। यह दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा निर्धारित 75.99 रुपये के संदर्भ उचित मूल्य से अधिक है।

आईडीबीआई बैंक का रणनीतिक लेनदेन चालू वित्त वर्ष के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की नियामकीय मंजूरी जरूरी होगी।

अल्पांश और खुदरा शेयरधारकों के हितों को लेकर जताई गई चिंताओं पर सचिव ने आश्वासन दिया कि इस लेनदेन के तहत उनके हितों की पूरी तरह रक्षा की जाएगी।

शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद रणनीतिक खरीदार को अल्पांश शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश करनी होगी। इससे उन्हें लागू नियमों के अनुसार अपने शेयर बेचने का अवसर मिलेगा।

चावला ने कहा कि आईडीबीआई बैंक का पुनर्गठन अब तक का सबसे बड़ा रणनीतिक लेनदेन है और इससे सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आएगा।

यह सौदा आईडीबीआई बैंक के निजीकरण और वाणिज्यिक उपक्रमों में सरकारी हिस्सेदारी कम करने के लंबे समय से अटके प्रयास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। बिक्री प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई थी। हालांकि, इस साल की शुरू में शुरुआती बोलियां सरकार द्वारा तय आरक्षित मूल्य से कम रहने के कारण इसे झटका लगा था।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

share & View comments