कॉकरोच जनता पार्टी ने द इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट के बाद तीन मांगें रखी हैं, जिसमें भारत के चुनाव आयोग के अंदर मतभेदों की बात सामने आई थी. CJP ने कहा कि अपने प्रदर्शन के तहत वह पूरे देश में प्रदर्शन आयोजित करेगी.
बुधवार को द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट आने के बाद, जिसमें भारत के चुनाव आयोग के अंदर आपत्तियों की बात कही गई थी, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने X पर लिखा, “ज्ञानेश, अब हो गया भाई!”
समाचार संगठन ने अपनी एक विशेष जांच में बताया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार ऐसे फैसलों और जारी किए गए आदेशों पर आपत्ति जताई, जिनके बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी गई थी.
CJP की मांगें
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास ने पार्टी की तीन मांगों का ऐलान किया.
पहली मांग कुमार का इस्तीफा है. दास ने कहा कि होने वाले चुनावों को तुरंत रोक दिया जाना चाहिए.
दूसरी मांग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को रोकना और मतदाता सूची को जनवरी 2025 की मतदाता सूची पर वापस ले जाना है.
CJP की तीसरी मांग SIR में लिए गए फैसलों की प्रक्रिया की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच आयोग बनाने की है.
CJP ने सुप्रीम कोर्ट को भी ‘बराबर का जिम्मेदार’ बताया.
दास ने कहा कि चुनाव से जुड़े सभी दस्तावेजों को जांच के लिए जमा किया जाना चाहिए, ‘इससे पहले कि उन्हें जलाकर राख कर दिया जाए’.
दिपके ने नागरिकों से अपने मौलिक अधिकारों के लिए लड़ने की अपील की और राजनीतिक पार्टियों से ‘देश के लिए’ आगे आने को कहा.
उन्होंने कुमार को ‘राष्ट्र-विरोधी’ भी बताया और उन्हें ‘भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा’ कहा.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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