नई दिल्ली: सरकार के समर्थन वाली सहकारी राइड बुकिंग कंपनी भारत टैक्सी की बुकिंग चंडीगढ़ और अहमदाबाद में कई गुना बढ़ गई है. दोनों शहरों में ड्राइवरों के राइड बुकिंग स्वीकार करने की दर 80 प्रतिशत से ज्यादा हो गई है. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिप्रिंट को यह जानकारी दी.
ड्राइवरों के राइड बुकिंग स्वीकार करने की दर का मतलब है कि राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म से ड्राइवरों को जितनी राइड की रिक्वेस्ट मिलती हैं, उनमें से वे कितने प्रतिशत रिक्वेस्ट स्वीकार करते हैं.
निजी राइड बुकिंग कंपनियों के विकल्प के तौर पर सहकारी मॉडल पर शुरू हुए इस प्लेटफॉर्म की बुकिंग पिछले कुछ महीनों में चंडीगढ़ और गुजरात के शहरों में तेज़ी से बढ़ी है. इन शहरों में राइड स्वीकार करने की दर 80 प्रतिशत से ज्यादा है, जबकि दूसरे बाजारों में यह दर 40 से 60 प्रतिशत के बीच है.
अधिकारी ने कहा, “हमें पहले स्तर के शहरों में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. चंडीगढ़ और अहमदाबाद में राइड की बुकिंग कई गुना बढ़ी है. दूसरे शहरों में औसत दर 40 से 60 प्रतिशत के बीच है, जो अच्छी है.”
राइड स्वीकार करने की दर बढ़ने की एक वजह यह बताई गई है कि कंपनी का किराया राज्य के परिवहन विभागों की ओर से तय दरों के हिसाब से रखा गया है. कंपनी का मानना है कि इससे ड्राइवरों के लिए यह प्लेटफॉर्म ज्यादा आकर्षक बना है. खासकर इसलिए, क्योंकि ड्राइवरों को अपने साथ बनाए रखने के लिए यह निजी कंपनियों की तरह बड़े प्रोत्साहन नहीं देती.
सहकारी मॉडल के तहत भारत टैक्सी का लक्ष्य ड्राइवरों और यात्रियों के बीच सीधे लेन-देन की सुविधा देकर एग्रीगेटर कंपनियों को दिए जाने वाले कमीशन को कम करना है. लंबे समय में कंपनी का मकसद ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी देना और उन्हें इसके मुनाफे में भागीदार बनाना है.
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने फरवरी में भारत टैक्सी की शुरुआत की थी. दिल्ली-एनसीआर से सेवाएं शुरू करने के बाद यह अब तक करीब 30 शहरों तक पहुंच चुकी है. चालू वित्त वर्ष के अंत तक 100 शहरों में सेवा शुरू करने का लक्ष्य है.
कंपनी के अधिकारी के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म से अब तक 10 लाख से ज्यादा ड्राइवर और 60 लाख यात्री जुड़ चुके हैं.
अगला पड़ाव हैदराबाद, डिजिटल वॉलेट पर काम जारी
भारत टैक्सी अब दक्षिण भारत में अपनी सेवाओं का विस्तार करने की तैयारी कर रही है. हैदराबाद में ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम पहले ही शुरू हो चुका है. शहर में व्यावसायिक सेवाएं नवंबर में शुरू होने की उम्मीद है.
असम के गुवाहाटी में भी आने वाले दिनों में यह प्लेटफॉर्म अपनी सेवाएं शुरू करने वाला है.
शहर के अंदर कैब सेवा देने के अलावा, सहकारी कंपनी ने शहरों के बीच भी सेवा शुरू कर दी है. इनमें मुंबई-पुणे, दिल्ली-आगरा, दिल्ली-देहरादून, अहमदाबाद-राजकोट और दिल्ली-जयपुर के रास्ते शामिल हैं. नेटवर्क बढ़ने के साथ और रास्तों पर भी सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है.
हालांकि, कंपनी को अब भी स्थापित निजी एग्रीगेटर कंपनियों से मुकाबला करना पड़ रहा है. ये कंपनियां ड्राइवरों को राइड स्वीकार करने के लिए ज्यादा प्रोत्साहन देती हैं.
कंपनी के अधिकारी ने कहा कि भारत टैक्सी का ऐसा मॉडल अपनाने का इरादा नहीं है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रोत्साहन राशि पर निर्भर रहना व्यावहारिक नहीं होगा. इसके बजाय, प्लेटफॉर्म अपने सहकारी ढांचे, किराये और कमीशन पर कम निर्भरता के जरिए मुकाबला करना चाहता है.
ड्राइवरों की ओर से उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए कंपनी ने अलग-अलग शहरों में अपने ड्राइवर पार्टनर के साथ हर हफ्ते बातचीत भी शुरू की है. ड्राइवरों के साथ ये संवाद हर शनिवार को होते हैं, ताकि उनकी राय ली जा सके और कामकाज से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा सके.
ड्राइवरों की प्रमुख मांगों में से एक डिजिटल वॉलेट शुरू करना है. यह सुविधा निजी राइड बुकिंग प्लेटफॉर्म पर आम तौर पर उपलब्ध होती है.
भारत टैक्सी फिलहाल अपने डिजिटल वॉलेट को अंतिम रूप दे रही है और इसे इसी साल शुरू करने की योजना है. इस वॉलेट के जरिए ड्राइवर एयरपोर्ट पार्किंग और टोल जैसे खर्चों का भुगतान प्लेटफॉर्म के माध्यम से कर सकेंगे. इसके साथ ही, मिलने वाली प्रोत्साहन राशि और दूसरे हिसाब-किताब का निपटारा भी डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा.
फिलहाल, भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों को एयरपोर्ट पार्किंग शुल्क जैसे खर्चों का भुगतान सीधे अपनी जेब से करना पड़ता है. इसके उलट, कुछ निजी प्लेटफॉर्म पर ऐसे भुगतानों का प्रबंधन ऐप के अंदर मौजूद वॉलेट के जरिए किया जा सकता है.
सहकारी कंपनी को उम्मीद है कि नई व्यवस्था से नकद लेन-देन कम होगा और ड्राइवरों की कामकाज से जुड़ी उन चिंताओं को दूर करने में मदद मिलेगी, जो देशभर में भारत टैक्सी की सेवाओं के विस्तार के साथ सामने आ रही हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: हरियाणा में अग्निवीरों को 20% आरक्षण, लिखित-शारीरिक परीक्षा से छूट