(डेविड सिद्धू, कार्लटन विश्वविद्यालय; पेनी पेक्समैन, वेस्टर्न विश्वविद्यालय) ओटावा, 30 अगस्त (द कन्वरसेशन) कल्पना कीजिए कि आप किसी ऐसे व्यक्ति को नौकरी पर रख...
अगर सरकार टैक्सपेयर्स का पैसा देश को बेहतर बनाने में खर्च करना चाहती है, तो ज्यादा अदालतें बनाए, टूटती हुई नौकरशाही को सुधारे, लेकिन, ज़ाहिर है, नेता सिर्फ अपने बारे में सोचेंगे.