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Sunday, 8 February, 2026
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2026 में पांच चुनाव—और पांच बातें, जिन पर नतीजे BJP और विपक्ष की राजनीति बदल देंगे

2026 के विधानसभा चुनाव बीजेपी के हिंदुत्व एजेंडे की पहुंच और उसकी सीमाओं की परीक्षा होंगे.

सेक्टर से सिस्टम तक: नोएडा में क्यों अटके हैं RWA चुनाव?

दिल्ली-एनसीआर की हाउसिंग सोसाइटियों में सालों तक चुनाव नहीं होते, या फिर वही चेहरे बार-बार लौट आते हैं. ‘खुद को चुना हुआ मानने वाले लोग हमारी सेवा करना छोड़ देते हैं और अपनी सेवा करने लगते हैं.’

‘जंकी’ म्यूज़िक से लेकर मंदिरों में बजने तक—मलयालम रैप की बदलती पहचान

एमसी कूपर मलयालम रैप की तुलना लेखक वैकोम बशीर की लिखाई से करते हैं. ‘राज्य को रैप जैसे और सांस्कृतिक सहारे चाहिए, जो युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखें.’

1917 से 2025 तक: भारतीय कम्युनिस्ट आंदोलन क्यों गिन रहा है अंतिम सांसें

रूस की क्रांति से भारत की राजनीति तक, कम्युनिज्म ने शोषण-मुक्त समाज का सपना दिखाया. सौ साल बाद वही विचारधारा क्यों बौद्धिक म्यूजियम की वस्तु बन चुकी है.

हस्तशिल्प को लग्ज़री बना रहा मोदी सरकार का ‘द कुंज’, यह पुराना कॉटेज एम्पोरियम नहीं

भारत का पहला ऐसा मॉल जो पूरी तरह हस्तशिल्प को समर्पित है—‘द कुंज’—अपने नेहरू युग के समकक्ष जनपथ स्थित कॉटेज एम्पोरियम से ज़्यादा पास के भव्य DLF एम्पोरियो जैसा है.

ठाकरे चचेरे भाई फिर हुए साथ: प्रबोधनकर से आदित्य तक—महाराष्ट्र की राजनीति को आकार देने वाला परिवार

उद्धव और राज ठाकरे ने बीएमसी चुनावों के लिए चुनावी गठबंधन बनाया है, हम उस परिवार पर एक नज़र डाल रहे हैं, जिसने दशकों तक मुंबई की राजनीति पर दबदबा बनाया, लेकिन अब अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है.

भारतीयों के मास्टरजी से मिलने का तरीका बदल रहा है यह नया टेलरिंग स्टार्टअप

टेलर इंडस्ट्री पर अभी कोई तुरंत खतरा नहीं है, लेकिन यह ऐप तेज़ी से बदलती गिग इकॉनमी की दुनिया के लिए तैयार हो रहा है.

भारत में इंसाफ का नया चेहरा: सेंगर, आसाराम, अखलाक के हत्यारों के लिए अलग कानून

ताकतवर लोगों या किसी खास विचारधारा की सेवा करने वालों के लिए नया नियम यह है: तो क्या हुआ अगर आप दोषी पाए गए और जेल भेजे गए? हम आपको तुरंत बाहर निकलवा लेंगे.

नड्डा के बाद नितिन नबीन ही क्यों? PM मोदी के फैसले के पीछे कई दलीलें, मगर असली कारण एक

धर्मेंद्र प्रधान से लेकर भूपेंद्र यादव और शिवराज सिंह चौहान तक, जब पार्टी के टॉप पद के लिए किसी ऑर्गनाइज़ेशनल व्यक्ति को चुनने की बात आई, तो पीएम नरेंद्र मोदी के पास कई विकल्प थे.

तिलक से गांधी और आज मोदी तक — भगवद्गीता का लंबा राजनीतिक सफर

राजनीतिक क्षेत्र में गीता के फिर से पॉपुलर होने की वजह क्या है? क्या यह राजनीतिक लामबंदी के लिए इसे आगे बढ़ाने की सोची-समझी कोशिश है, या यह अपने आप हो रहा है? आधुनिक भारतीय इतिहास में इसके राजनीतिक सफर पर एक नज़र.

मत-विमत

डियर नरेंद्रभाई: बांग्लादेश चुनाव से भारत–बांग्लादेश के रिश्तों को ‘रीसेट’ करने का मौका है

अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.

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राजनीति

देश

हरियाणा के डीजीपी ने सूरजकुंड मेला हादसे में निरीक्षक की मौत पर शोक व्यक्त किया

चंडीगढ़, सात फरवरी (भाषा) हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने शनिवार रात निरीक्षक जगदीश प्रसाद के निधन पर शोक व्यक्त किया। निरीक्षक...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.