बंद गेट, महीनों से तनख्वाह न पाए कर्मचारी और धीमी बर्बादी — यही है सहारा की कभी चमकती शान, एंबी वैली से सहारा स्टार तक. अडाणी को होने वाली डिस्टेस सेल से थोड़ी उम्मीद दिखी — ‘उनके पास पैसा है.’
अखलाक केस कभी भी बिसाड़ा गांव की तंग गलियों से बाहर नहीं गया. यहां उसकी हत्या और बीफ की अफवाहों की बातें आज भी ताज़ा हैं, लेकिन किसी को भी नहीं पता कि जांच कहां पहुंची है.
ड्राफ्ट सीड्स बिल में बड़े आइडिया सही हैं — यूनिवर्सल रजिस्ट्रेशन, ट्रेसबिलिटी, असली पेनल्टी. पंजाब के लिए काम तभी बनेगा जब इसमें फेडरल सिस्टम और किसान-हित से जुड़े बारीक मुद्दे ठीक से तय हों.
आम धारणा यह है कि अगर कोई सरकार लोगों की हालत नहीं सुधारती, तो उसे सज़ा मिलती है, लेकिन नीतीश कुमार ने 20 साल में आर्थिक बदहाली के बीच सरकार चलाई और फिर भी भारी बहुमत से जीत गए.
मुगल दौर के बंदरगाहों से लेकर डचों से हुए समुद्री युद्धों और बॉम्बे के व्यापारी घरानों तक — गुजराती मुस्लिमों ने कभी हिंद महासागर की दुनिया को आकार दिया था, बहुत पहले, जब उनके एक वंशज ने न्यूयॉर्क जीता.
यूनिवर्सिटी में काम करने वाले एक डॉक्टर ने कहा, ‘अभी एडमिशन का टाइम है, अगर यूनिवर्सिटी की छवि खराब हुई तो एडमिशन पर असर पड़ेगा. हम जांच एजेंसियों की मदद कर रहे हैं.’
चिनाब नदी के किनारे रहने वाले 23 साल के एक युवक ने कहा, ‘अगर हम इसकी धार को यूं ही समेटते रहे, तो ये ज़रूर हमारे घरों में घुस आएगी. इसे गुस्सैल नदी कैसे कह सकते हैं, इसमें नदी की गलती तो नहीं है.’
मंडल की राजनीति ने पिछड़ों, दलितों और अति पिछड़ों की पहचान को राजनीतिक चेतना में बदल दिया है. ऐसे में, RSS का एकीकृत हिंदू समाज का विचार उस विविधता से टकराता है जो बिहार की राजनीति की आत्मा है.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.