तीन दशकों के अंतराल के बाद 1992 में लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार फिर शुरू हुआ, लेकिन व्यापार की मात्रा पहले जैसी नहीं रही क्योंकि जिन बाज़ारों को यह जोड़ता था वे हाईवे से बेहतर तरीके से जुड़े हुए थे.
हरियाणा की प्राण वायु देवता योजना के तहत 75 साल से पुराने पेड़ों को हर साल पेंशन दी जाती है ताकि राज्य के इन पुराने दिग्गज पेड़ों की देखभाल हो सके, लेकिन कई पेड़ अब भी इंतज़ार में हैं.
हालांकि इस कवायद से राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, लेकिन आम धारणा यही है कि नाम हटाए जाने से विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के मतदाता प्रभावित हुए हैं. 'वोट चोरी' अभियान का जमीनी स्तर पर कोई असर नहीं है.
तबाह हो चुके किसान जैसे-जैसे इस संकट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, राज्य भर में धान की खेती वाली 4 लाख हेक्टेयर ज़मीन बाढ़ की चपेट में आ गई है. पंजाब सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सबसे ज़्यादा योगदान देने वाले राज्यों में से एक है.
12,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं, और कुछ इलाकों में तो शरणार्थी शिविर भी बाढ़ में डूब गए हैं. पंप लगातार पानी निकाल रहे हैं, डॉक्टर पहुंचे हुए हैं, खाना बांटा जा रहा है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है.
नीतियों की यह अनिश्चितता भारत से प्रतिभाशाली लोगों के बाहर जाने (ब्रेन ड्रेन) को तेज़ कर रही है, खासकर टेक और डिजिटल इनोवेशन में, जहां कुशल पेशेवर विदेशों में अधिक स्थिर माहौल खोज रहे हैं.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.