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Monday, 9 February, 2026
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क्या भारत रिया चक्रवर्ती का कर्जदार है? सिर्फ माफी मांगकर बात खत्म नहीं होती

रिया चक्रवर्ती की मज़बूती सच्ची है, लेकिन बर्बादी भी उतना ही बड़ी सच्चाई है. हो सकता है उन्होंने इस सब से समझौता कर लिया हो, लेकिन उनकी ज़िंदगी उनसे छीन ली गई.

तोड़ने नहीं खोज करने वाला: वाराणसी के शाही परिवार ने कैसे ‘ब्रिटिश इतिहास’ के खिलाफ लड़ाई लड़ी

एक गलत औपनिवेशिक चित्रण ने बनारस के राजघराने पर 200 साल तक कलंक लगाया. प्रदीप नारायण सिंह ने सारनाथ में अपने पूर्वज जगत सिंह की सही छवि करवाने के लिए 5 साल तक अभिलेखों की छानबीन की.

जानिए, बिहार की जीविका दीदियों ने सरकार से मिले 10,000 रुपये कैसे खर्च किए

जीविका मिशन के 1.25 करोड़ सदस्यों में से एक करोड़ को 10,000 रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है. नालंदा ज़िले के लाभार्थी इस पैसे का इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं, यहां पढ़ें.

लद्दाख से मिजोरम तक भारत की सीमाएं अस्थिर हैं. अब एक नई आंतरिक सुरक्षा नीति की जरूरत है

कई सीमावर्ती राज्य अशांति की चपेट में हैं, चीन और पाकिस्तान इसका लाभ उठाते रहे हैं. बांग्लादेश पुराने जख्मों को कुरेद रहा है. मानो मैकबेथ’ की चुड़ैलें लड़ाई और अशांति के कढ़ाही में उबाल लाने के लिए नाच-गा रही हैं.

बुद्ध और मंडल से आगे का बिहार—क्यों 2025 के चुनाव भारतीय लोकतंत्र के लिए अहम हैं

यह बात अक्सर ध्यान में नहीं आती, लेकिन उत्तर भारत में बिहार ही एकमात्र ऐसा राज्य है जहां भाजपा अपने दम पर सत्ता में नहीं आई है. बिहार को उत्तर प्रदेश बनाने की पार्टी की चाहत को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए.

‘हम भारत बनाते हैं, बिहार कौन बनाएगा?’ —छठ स्पेशल ट्रेन में सवार प्रवासियों की उदासी का सफर

यह बिहार का छठ महापर्व ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे बड़ा त्योहार—चुनाव—भी है. यह एक अहम पल है.

EBC पर RJD का भरोसा घटा, यादव वोट बैंक को तरजीह दे रही है पार्टी

RJD के अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों की संख्या 13.13 प्रतिशत से घटकर 11.19 प्रतिशत हो गई है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में पार्टी ने अति पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों में सबसे कम स्ट्राइक रेट देखा था.

लोकपाल से लेकर CAG तक — मोदी सरकार में क्यों चाहिए भ्रष्टाचार विरोधी योद्धाओं को BMW सवारी

सीएजी की रिपोर्टें तो अब भी आ रही हैं, लेकिन उनमें पहले जैसी धार और असर नहीं रहा. कुछ मामलों में सीएजी अब भी सख्त है, पर निशाने पर एनडीए के बाहर की पार्टियों की सरकारें हैं.

बिहार चुनाव: भाजपा ने 2020 वाली रणनीति से हटकर इस बार अगड़ी जातियों पर लगाया अपना दांव

एनडीए में दो दलों, एलजेपी और एचएएम (एस) का नेतृत्व दलित नेता कर रहे हैं इसलिए भाजपा को उम्मीद है कि वह इस बार बड़ी संख्या में आरक्षित सीटें जीतेगी.

एयर जॉर्डन पीछे छूट गए, भारत में अब अपना स्नीकर्स सबकल्चर है—कोमेट, अनार, ज़ायडन, 7-10

हिंदी अक्षरों से लेकर टैश डिज़ाइन और कलाकारों के सहयोग तक, भारतीय ब्रांड भारत की अपनी स्नीकर कहानी गढ़ रहे हैं. "भारतीय ब्रांडों ने लोगों से ज़्यादा पैसे वसूलने की संस्कृति और आकांक्षा का निर्माण किया है."

मत-विमत

‘हाल मुकाम’ में बेदखली: इंडिया आर्ट फेयर में मलबे से निकली लाल ईंटें और उनसे बनी एक बेचैन दुनिया

इंडिया आर्ट फेयर में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाला आर्टवर्क किसी परिभाषा में नहीं बंधता—गिरजेश कुमार सिंह मलबे से निकाली गई ईंटों से लोगों और उनके बैग की मूर्तियां बनाते हैं. इस प्रदर्शनी का नाम 'हाल मुकाम' है.

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लैम्बॉर्गिनी कार ने राहगीरों और दोपहिया वाहनों को टक्कर मारी, छह घायल

कानपुर (उप्र), आठ फरवरी (भाषा) कानपुर के ग्वालटोली इलाके में रविवार को एक तेज रफ्तार लैम्बॉर्गिनी कार ने राहगीरों और दोपहिया वाहनों को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.