जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने पीएम मोदी की बड़ी तस्वीर लगाई है, अगर उसी तर्ज पर कांग्रेस अपने घोषणा पत्र पर राहुल गांधी की फोटो लगाते तो शायद सोनिया गांधी की नाराज़गी खबर नहीं बनती.
भाजपा ने एक ओर युवाओं को 22 चैंपियन सेक्टर्स में नई नीति लाकर रोजगार पैदा करने की बात की है, वहीं कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में नए उद्योग शुरू करने वाले युवाओं को 3 वर्ष तक किसी भी विभाग से मंजूरी नहीं लेने का वादा किया.
सुरजेवाला ने भाजपा के 2014 के संकल्प पत्र का हवाला देते हुए कहा कि पिछले पांच सालों में जो वादा किया था वह तो पूरा नहीं किया. नौकरी, रोजगार, नोटबंदी. जीएसटी और कालाधन पर कोई चर्चा नहीं की.
दिप्रिंट ने तेजपुर से गोलाघाट और जोरहाट की यात्रा की, यह पाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा प्रत्यक्ष रूप से मुद्दा नहीं है, लेकिन मतदाता इसके प्रति उदासीन नहीं हैं.
अखिलेश ने मोदी हमला करते हुए कहा, 'पिछली बार चाय वाला बनकर आए तो हमने भरोसा कर लिया. अब चौकीदार बनकर आए हैं.' अब मिलकर चौकीदार की चौकी छीनने का काम करेंगे.
1993 में यह नारा सुनने को मिला था- 'मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्री राम' और यूपी में ऐसी सियासी हवा चली कि बीजेपी सत्ता से बेदखल हो गई थी.
AAP सरकार ने बेअदबी के मामलों में जवाबदेही के मुद्दे से अपने किसी भी पूर्ववर्ती की तुलना में कहीं अधिक राजनीतिक लाभ उठाया है. अब उसके पास यह अवसर भी है—और दायित्व भी—कि वह अपनी इस बयानबाज़ी को अदालत में अपने प्रदर्शन से साबित करे.