आखिरी चरण के चुनाव करीब आते ही बसपा सुप्रीमो ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है. पिछले दिनों से वह लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर सीधे निशाना साध रही हैं.
बीजेपी अध्यक्ष शाह ने बुधवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जमकर आरोप लगाये. वहीं मामले में तृणमूल कांग्रेस ने भी एफआईआर दर्ज कराया है और चुनाव आयोग शिकायत करने पहुंची है.
पंजाब में कांग्रेस प्रभावशाली स्थिति में है. यहां लोकसभा चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जा रहा है. अब देखना मजेदार होगा कि आप और भाजपा कैसे गेम बदलती है.
ये पहली बार नहीं कि ममता बनर्जी ने अभिव्यक्ति की आज़ादी को दरकिनार कर अपने खिलाफ लिखने, बोलने वालों को सज़ा न दिलवाई हो. आइए जानें, कब कब ममता का गुस्सा फूटा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को समाचार चैनलों ने 722 घंटों से अधिक समय तक दिखाया गया. वहीं इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बहुत कम 252 घंटे का समय मिला.
रणनीतिक तौर पर, बिना शर्ट वाला यह प्रदर्शन आत्मघाती गोल से भी बुरा था. अचानक, AI समिट की सारी गड़बड़ियां भूला दी गईं और यूथ कांग्रेस का विरोध ही मुद्दा बन गया.