सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार द्वारा कांग्रेस-जद(एस) के 17 विधायकों को अयोग्य ठहराने के फैसले को बरकरार रखा लेकिन उनके उपचुनाव लड़ने का रास्ता साफ कर दिया है.
दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा जहां महाराष्ट्र में सरकार बनाने में नाकाम रही हैं, वहीं हरियाणा में सरकार तो बन गई है लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार लटका हुआ है.
बैठक में मौजूद रहे एक सूत्र ने बताया शीर्ष नेताओं ने दिल्ली भाजपा को सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को बेनकाब करने के साथ-साथ अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के बीच पहुंचने पर ध्यान केन्द्रित करने के लिये कहा.
मुखपत्र सामना में लिखा है, 'महाराष्ट्र में सत्ता स्थापना नहीं होने देना और राजभवन के पेड़ के नीचे बैठकर पत्ते पीसते बैठने के खेल को जनता देख रही है. कांग्रेस या एनसीपी के साथ हमें क्या करना है. ये हम देख लेंगे.'
पिछले तीन दिनों से चली जबरदस्त गहमागहमी के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाये जाने संबंधी उद्घोषणा पर हस्ताक्षर किये.
288 विधानसभा वाली महाराष्ट्र में शिवसेना के जहां 56 विधायक हैं. भाजपा के 105 जबकि कांग्रेस और एनसीपी के क्रमश: 44 और 54 विधायक है. अब देखना है कि कांग्रेस एनसीपी बैठक के बाद क्या गठजोड़ करती हैं.
राजनीतिक नेतृत्व ने 1971 की तरह 2020 में भी सैन्य मामलों में दखल न देकर सही राजनीतिक निर्देश जारी किया, और रक्षा मंत्री ने सेना अध्यक्ष को सलाह दी कि 'जो उचित समझो वो करो.'