मध्यप्रदेश के छह मंत्रियों सहित 22 कांग्रेस विधायकों ने इस्तीफा दे दिया, जिनमें से अधिकांश ज्योतिरादित्य सिंधिया कट्टर समर्थक हैं. इससे प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार गिरने के कगार पर पहुंच गई है.
नामांकन करने के बाद सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा, 'भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आज विधानसभा में पार्टी के प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा चुनाव के किए नामांकन दाखिल किया.'
अभय भारद्वाज, सुमेर सिंह सोलंकी और इंदु गोस्वामी सभी छोटी प्रोफाइल के नेता हैं जो 26 मार्च को राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए क्रमश: गुजरात, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से हैं.
पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का गुरुवार को भोपाल पहुंचे जहां उनका भाजपा नेताओं ने भव्य स्वागत किया और हवाई अड्डे से प्रदेश भाजपा कार्यालय तक रैली निकाली.
कांग्रेस पार्टी में युवा नेताओं को लगातार दरकिनार किया जाता रहा है चाहें वो सचिन पायलट हों, जितिन प्रसाद, दीपेंद्र हुडा ,कुलदीप बिश्नोई, मिलिंद देवरा हों या फिर संदीप दीक्षित.
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब भाजपा किसी राज्य की सरकार को गिराने की कोशिश कर रही हो. बीते कुछ सालों के इतिहास को उठाकर देखें तो ऐसा कई बार हो चुका है.
मध्यप्रदेश के भाजपा नेता नरेंद्र सिंह तोमर,प्रभात झा,जयभान सिंह पवैया और नरोत्तम मिश्रा कई बार सिंधिया पर हमला बोलते हुए नजर आए है. अब इन सभी के साथ सिंधिया को भी तालमेल बैठाना है.
दिल्ली हिंसा पर आज लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस काल में हुए दंगों से लेकर गुजरात दंगों को खूब याद किया गया. शेरों शायरी का दौर भी चला. पढ़िए किसने क्या कहा