सार्वजनिक चेहरों को मैदान में उतारकर, बीजेपी केरल और तमिलनाडु में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि बंगाल में उसकी रणनीति, बाहरी होने के टीएमसी के ताने का जवाब देना है.
स्वपन दासगुप्ता ने ट्वीट किया है, 'मैंने एक बेहतर बंगाल के लिए खुद को समर्पित करते हुए आज राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया है. मैं उम्मीद करता हूं कि बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर कुछ दिनों में अपना नामंकन फाइल करूंगा.
अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में अपनी पार्टी की आर्थिक विचारधारा को समझाया और बताया कि तमिलनाडु में क्यों भाजपा की ब्रांड की राजनीति नहीं चलेगी.
पहले बीजेपी यूपी में इन सभी चुनाव में प्रत्याशी का समर्थन करती थी, इस बार पार्टी की ओर से उम्मीदवारों की बकायदा लिस्ट जारी होगी. वहीं सरकार के मंत्री भी उनका चुनाव प्रचार करेंगे.
ममता बनर्जी ने एक रैली में कहा, ‘कुछ दिन इंतजार कीजिए, मेरे पैर सही हो जाएंगे. फिर मैं देखूंगी की कि आपके पांव बंगाल की जमीन पर ठीक से चलते हैं या नहीं.’
मायावती ने कहा कि पश्चिम बंगाल के साथ ही केरल व तमिलनाडु में हमारी पार्टी का प्रदर्शन भी अच्छा रहेगा. इसके अलावा उप्र में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी सभी सीटो पर अकेले चुनाव लड़ेगी.
सपा ने राज्य में सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने के लिए चार चरणों में इन तीन दिवसीय शिविरों के आयोजन की योजना बनाई है, जिससे बीजेपी का बूथ लेवल पर मुकाबला किया जा सके.
बीजेपी नेताओं को लगता है, कि अगर इस मुद्दे को सार्वजनिक रूप से ज़्यादा उठाया गया, तो ये बंगाल प्रचार का फोकस बन सकता है, और लोगों की सहानुभूति पाने में ममता की मदद कर सकता है.
अफगानिस्तान, कैमरून, म्यांमार और सूडान का सिलेक्शन सवाल खड़ा करता है. खासकर तब जब इस समय ब्रिटेन में शरण मांगने वालों में पाकिस्तानियों की संख्या सबसे ज्यादा में से एक है.