टीम मोदी में बड़े फेरबदल के साथ कई दिग्गज मंत्रियों को हटा दिया गया है. नए चेहरे शामिल करने में जातियों, युवाओं, महिलाओं की भागीदारी के साथ चुनाव वाले राज्यों के प्रतिनिधित्व का भी खास ध्यान रखा गया है.
बुधवार को कैबिनेट फेरबदल में सात महिला नेताओं को मंत्रियों के रूप में शामिल किया गया. इसके साथ ही नरेंद्र मोदी सरकार में महिला मंत्रियों की संख्या बढ़कर 11 हो गई.
असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष एल मुरुगन दो ऐसे मंत्री हैं जो फिलहाल संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं हैं.
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक समारोह में मंत्रिपरिषद में शामिल किए गए सभी 43 सदस्यों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई.
बजट पेश करते हुए राज्य के उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा कि सरकार ने मोटर वाहन कर पर एकबारगी छूट देने का निर्णय किया है. यह छूट एक जुलाई, 2021 से 31 दिसंबर, 2021 के लिये होगी.
प्रधानमंत्री से मिलने वाले सभी नेता, आज शाम छह बजे राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में, मंत्री पद की शपथ लेंगे.
संजय सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा- भाजपा वालों आपको और आपकी सरकार को चेहरे पर कालिख लगाकर जनता के बीच में घूमना चाहिए, जिससे उत्तर प्रदेश के लोग आपको पहचान सकें.
बसपा इस कदम के खिलाफ बोलने के कारण पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रशपाल राजू को पहले ही निष्कासित कर चुकी है, जबकि इसकी ओबीसी इकाई के अध्यक्ष सुखबीर सिंह शालीमार ने फैसले के विरोध में इस्तीफा दे दिया है.
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे सभी नेता, शाम छह बजे राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में, मंत्री पद की शपथ लेंगे.
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अगर कामकाज और शासन को आधार बनाया जाए तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके कई मंत्रियों को पद से हटा दिया जाना चाहिए.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.