गहलोत ने यह टिप्पणी उस वक्त की है जब एक दिन पहले मंगलवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव के संदर्भ में चर्चा हुई है.
मनसे प्रमुख ने अपनी पार्टी पदाधिकारियों को ‘पार्टी के लिए पर्याप्त नहीं करने’- न तो मनसे का बचाव करने के मामले में और न ही पार्टी का संदेश को लोगों तक ले जाने के लिए, खरी-खरी सुनाई.
भाजपा के दिग्गज और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सवाल उठाया कि गुजरात सरकार ने बलात्कार और हत्या के दोषियों को कैसे रिहा कर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में पीएम मोदी से हस्तक्षेप करने के लिए बात करेंगे.