टीएमसी 2011 से पश्चिम बंगाल में सत्ता में है. 1 जनवरी, 1998 को स्थापित, नंदीग्राम और सिंगुर भूमि अधिग्रहण आंदोलन राज्य के सीपीआई (एम) शासन को खत्म करने में टीएमसी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थे.
पार्षदों के शपथ लेने के दौरान विवाद शुरू हुआ जिसमें भाजपा और आम आदमी पार्टी के नए चुने गए पार्षद एक-दूसरे से भिड़ गए और सिविक सेंटर में नारे लगाने लगे.
बीआरएस नेताओं का कहना है कि अभिनेता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. वहीं राजनीतिक विश्लेषकों को लगता है कि कर्नाटक जैसे राज्यों में उनकी उपस्थिति का ज्यादा राजनीतिक महत्व नहीं होगा, लेकिन उनकी लोकप्रियता केसीआर को फायदा पहुंचा सकती है.
केरल में CPI(M) के राज्य सचिव एम.वी. गोविन्दन के IUML की ओर रुख करने से काफी अटकलों को बल मिला है. यह ठीक वैसी हलचल है जैसी कांग्रेस के सांसद शशि थरूर की IUML प्रमुख के साथ बैठक होने के बाद नजर आई थी.
हमरो पार्टी के अजॉय एडवर्ड्स, जीजेएम के बिमल गुरुंग और गोरखालैंड इलाके के प्रभावशाली नेता बिनय तमांग ने आपस में हाथ मिला लिया है . तमांग का कहना है कि ये तीनों गोरखालैंड आंदोलन के बारे में अपनी रणनीति तैयार करने के लिए एक समिति का गठन करेंगे.
राय ने गांधी के 3,000 किमी पैदल चलने के प्रयासों की प्रशंसा की. बाद में, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि मामले की सुनवाई अमित शाह के लिए नहीं होती.
शिरोमणि अकाली दल करीब एक दशक से राज्य की सत्ता से बाहर है. जानकारों का कहना है कि बढ़ता सिख कट्टरवाद एसजीपीसी और अकाल तख्त के लिए अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए मुद्दे उठाने की मजबूरी का नतीजा है.
यहां राकांपा के जन जागरण अभियान को हरी झंडी दिखाने से पहले पवार ने कहा कि समुदायों के बीच दरार पैदा की जा रही है और महंगाई तथा बेरोजगारी जैसे वास्तविक मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है.
सिद्धरमैया ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए बोम्मई को कुछ साहस दिखाने की चुनौती दी. कांग्रेस नेता बोले, ‘बसवराज बोम्मई, आप नरेंद्र मोदी के सामने एक पिल्ले की तरह हैं. आप उनके सामने कांपते हैं.’