दिल्ली एल-जी की शक्तियों को दोबारा वापस लाने के लिए लाए गए अध्यादेश के विधेयक को संसद सत्र में पेश किए जाएगा, लेकिन ‘आप’ द्वारा विपक्ष को एकजुट करने के प्रयासों के बावजूद बीजेपी द्वारा राज्यसभा विधेयक सफलतापूर्वक पास करवाया जा सकता है.
जद (यू) के पिछले साल बीजेपी से नाता तोड़ने के बावजूद हरिवंश नारायण राज्यसभा के उपसभापति बने रहे. अब उनकी पार्टी नए संसद भवन के उद्घाटन में शामिल होने के उनके फैसले से नाराज़ है.
15 मई को सचिन पायलट ने राज्य में पिछले बीजेपी के शासन के दौरान हुए कथित पेपर लीक घोटाले की जांच के लिए राजस्थान में अपनी ही पार्टी की सरकार को एक अल्टीमेटम दिया था.
इस साल के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं और लंबे समय से मुख्यमंत्री पद को लेकर गहलोत और सचिन में चल रही रस्साकसी को खत्म करने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर देर शाम सचिन पायलट को बुलाया गया.
इस साल की शुरुआत में सागरदिघी उपचुनाव जीतने वाले कांग्रेस के इकलौते विधायक बायरन बिस्वास टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. कांग्रेस 2021 के विधानसभा चुनावों एक भी सीट हासिल नहीं कर सकी थी.
कांग्रेस के चुनाव जीतने के बाद सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर भिड़ंत हो गई थी. अब दोनों नेताओं के समर्थक कैबिनेट में अपने खेमे से ज्यादा प्रतिनिधित्व का दावा कर रहे हैं.
राहुल के 150 सीटें जीतने वाले बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा,मन को बहलाने को बाबा ख्याल अच्छा है. भाजपा मध्य प्रदेश में 200 से ज्यादा सीटें जीतेगी.
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कोई भी योजना नहीं है जिसमें भ्रष्टाचार ना हुआ हो. अब महाकाल के नाम पर भी भाजपा पैसे खा गई.
प्रधानमंत्री ने कहा, नए संसद भवन को देखकर हर भारतीय गौरव से भरा हुआ है. इस भवन में विरासत भी है, वास्तु भी है. इसमें कला भी है, कौशल भी है. इसमें संस्कृति भी है, संविधान के स्वर भी हैं.
मोदी सरकार के 9 साल पूरे होने पर महाजनसंपर्क अभियान की देखरेख के वास्ते बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव और बंगाल, ओडिशा और तेलंगाना के प्रभारी सुनील बंसल को यूपी का प्रभारी बनाया गया है.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.