बैठक में कांग्रेस, सपा नेता अखिलेश यादव, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, एनसीपी नेता शरद पवार, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती, उद्धव ठाकरे और अन्य शामिल होंगे.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए 24 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाने के एक दिन बाद, कांग्रेस ने पूछा कि यह बैठक क्यों की जा रही है, जबकि पीएम मोदी अमेरिका की यात्रा पर भारत से बाहर हैं.
आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को केंद्र की सत्ता से बाहर करने के उद्देश्य से देश के प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेता शुक्रवार को बिहार में मंथन करेंगे. इस बैठक की अगुवाई नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव करेंगे.
इस साल होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले सीएम शिंदे मुंबई में लोकप्रियता बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं, जहां ठाकरे का काफी प्रभाव है.
इस बैठक में हिस्सा लेने वाली पार्टियों पर निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि विपक्षी दलों के रवैये को देखते हुए ऐसा नहीं लगता है कि वे उत्तर प्रदेश में अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर हैं.
सीएम के पहले पत्र के जवाब में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने कहा था कि आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं और वह नियमित आधार पर दिल्ली पुलिस की समीक्षा और निगरानी कर रहे हैं.
मुंबई में एनसीपी के स्थापना दिवस समारोह में बोलते हुए, अजीत पवार ने कहा कि उनके पास प्रशासन को अच्छी तरह से चलाने का रिकॉर्ड है और उन्होंने 'पार्टी में कोई भी पद' मांगा, और कहा कि वह इसके साथ न्याय करेंगे.
मंत्री वी सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी राज्यपाल आरएन रवि और डीएमके सरकार के बीच हालिया विवाद का मुद्दा है, लेकिन उनकी नियुक्ति के लगभग दो साल में विभिन्न मुद्दों पर कई गतिरोध रहे हैं.
केजरीवाल ने पत्र में कहा कि अध्यादेश एक प्रयोग है और अगर यह सफल रहा तो केंद्र गैर-भाजपा राज्यों में इसी तरह के अध्यादेश लागू करेंगे और राज्य सरकार का अधिकार छीन लिया जाएगा.