अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल, एसजीपीसी और अकाल तख्त ने राम मंदिर ट्रस्ट को प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद दिया. इस बीच, कांग्रेस के बाजवा ने कहा कि वह लोगों को अयोध्या ले जाएंगे.
इनमें से लगभग 2/5 सीटें तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में हैं. बीजेपी नेताओं का मानना है कि इस साल पार्टी के लिए यह कोई बड़ी चिंता का विषय नहीं बनेगा.
कार्यक्रम से 2 दिन पहले उद्धव को मिला 'प्राण प्रतिष्ठा' का न्योता. हालांकि, नासिक में कालाराम मंदिर का दौरा करके वह राम जन्मभूमि अभियान में शिवसेना (यूबीटी) की भूमिका को उजागर करने के प्रयास का जारी रखे हुए है.
आदित्यनाथ ने कहा, ‘निश्चिंत रहिए. प्रभु राम की कृपा से अब कोई अयोध्या की परिक्रमा में बाधा नहीं बन पाएगा. अयोध्या की गलियों में अब गोलियों की गड़गड़ाहट नहीं होगी. कर्फ्यू नहीं लगेगा. अब यहां दीपोत्सव, रामोत्सव होगा.’
वह 52वें राज्य दिवस समारोह के मौके पर एक सभा को संबोधित कर रहे थे. अपने संभावित इस्तीफे की चर्चा पर सीएम ने कहा कि यह अटकलें हैं और अभी तक ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है.
अपनी किताब के लॉन्च पर, तत्कालीन यूपी सीएम के अधीन काम कर चुके स्वरूप ने कहा कि कल्याण सिंह कार सेवकों की सामूहिक लामबंदी के खिलाफ थे और अयोध्या विवाद का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की कोशिश कर रहे थे.
बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री, यादव ने 1990 में लालकृष्ण आडवाणी की राम रथ यात्रा को रोक दिया था और भाजपा नेता को अयोध्या पहुंचने से पहले बिहार में गिरफ्तार करवा दिया था.
प्रधानमंत्री द्वारा हरियाणा के मुख्यमंत्री की प्रशंसा को भाजपा नेतृत्व द्वारा पार्टी द्वारा खट्टर के समर्थन के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, राजनीतिक विश्लेषक और विपक्ष मुख्यमंत्री की ‘विफलताओं’ की बात करते हुए मोदी के साथ उनकी ‘निकटता’ की ओर इशारा कर रहे हैं.
आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.