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Monday, 2 March, 2026
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भाजपा अब उतनी बौखलाई हुई नहीं है जितनी 2024 के चुनाव कैंपेन में पहले थी

राजनीतिक दृष्टि से नरेंद्र मोदी अकेले हैं. वह निर्णय लेते हैं कि वह क्या करना चाहते हैं और किसे उच्च पद पर नियुक्त करना चाहते हैं. और वो कब क्या बोलेंगे इसका अंदाज़ा कोई नहीं लगा सकता.

2024 का चुनाव कई हकीकत बयां कर रहा है, ‘400 पार की पिच’ केवल मोदी का खोखला वादा

‘400 का आंकड़ा कौन पार करेगा’ के बजाय, असली लड़ाई ‘272 का बहुमत कौन पार करेगा’ इसकी है.

भारत ‘फाइव आइज़’ वाले देशों से टकराव न मोल ले, ये आतंकवाद से लड़ने में मददगार हो सकते हैं

रणनीतिक स्वायत्तता और डाटा की गोपनीयता जैसे कई मसलों पर भारत और ‘फाइव आइज़’ नामक गठबंधन के बीच असहमति हो सकती है, लेकिन सहमति के मुद्दों पर ज़ोर देकर वे साझा चुनौतियों से निबट सकते हैं.

विकसित सेना के बिना विकसित भारत की कल्पना बेमानी, भाजपा-कांग्रेस के घोषणापत्र इस पर खामोश

प्रमुख दलों से कम से कम इतनी तो अपेक्षा की जाती है कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर एक दृष्टिकोण, एक रणनीति का खाका पेश करेंगे और सेना को बदलने की एक रक्षा नीति प्रस्तुत करेंगे.

हरियाणा में BJP के लिये नया सिर दर्द, पार्टी अगर सत्ता में लौटी भी, तो छवि पर रहेंगे दाग

जबकि पीएम मोदी की छवि पार्टी को लाभ दिलाने का काम कर रही है और खट्टर को गैर-भ्रष्ट नेता की तरह देखा जाता है, ये कारक अकेले काफी नहीं हो सकते हैं.

नेटफ्लिक्स की चमकीला और ट्रूडो के कनाडा में क्या समानता है? दोनों ही पंजाब की असलियत से दूर है

चमकीला की हत्या से पहले के हफ्तों में हर दूसरे दिन हत्याएं की जा रही थीं. इन सबकी अनदेखी कर देना अगर अपराध नहीं है तो बौद्धिक कायरता है.

मेरी लाल कुर्ती पर आपत्ति जताने से लेकर मोदी के रोड शो की अनुमति देने तक — निर्वाचन आयोग बदल गया है

पश्चिम बंगाल में मैंने कभी भी कम्युनिस्टों को लाल कपड़े पहनकर मतदान केंद्र पर जाते नहीं देखा, न ही टीएमसी को हरे कपड़े पहने और शायद भाजपा के किसी विरले नेता को भगवा पहनकर आते हुए देखा, लेकिन गुजरात से बिल्कुल अलग नज़ारा था, जहां मोदी और अमित शाह भगवा पहनकर वोट डालने पहुंचे थे.

अगर कांग्रेस सच में एक लोकतांत्रिक पार्टी होती, तो सैम पित्रोदा कुछ भी नहीं होते

यह अश्लील है कि भारत से इतना अलग-थलग व्यक्ति उस पार्टी में इतने शक्तिशाली पद पर आसीन था, जिसने भारत के अधिकांश गणतंत्रीय इतिहास पर शासन किया हो.

यह एक नया राहुल गांधी है, इंदिरा की रणनीति पर चलने वाला योद्धा

सोनिया गांधी ने अमीरों को धमकी दिए बिना गरीबों की मदद करने का वादा किया. राहुल गांधी ने उस दृष्टिकोण को खारिज कर दिया और समय में पीछे चले गए हैं: अपनी दादी इंदिरा गांधी की बयानबाजी की ओर.

बीच चुनाव में पलट रही है बाज़ी, तीसरे चरण तक बीजेपी 272 से नीचे खिसकी

दूसरे चरण की तरह, 2024 के लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की समस्या यह है कि उसके पास बचा के रखने के लिए बहुत सारी सीटें - कुल 93 सीटों में से 80 सीटें - हैं

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ठाणे: किशोर ने स्कूल में की गई शरारतों को लेकर माता-पिता की डांट के डर से आत्महत्या की

ठाणे, दो मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे शहर में 13 वर्षीय एक लड़के ने कथित तौर पर अपने घर में आत्महत्या कर ली। बताया...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.