भारत के राजनीतिक नेतृत्व को स्वीकार करना पड़ेगा कि खासकर टेक्नोलॉजी के मामले में तेज़ी से बदलती इस दुनिया में प्रतिरक्षा की तैयारी का तकाज़ा यह है कि इसके लिए जीडीपी के 2 प्रतिशत से ज्यादा के बराबर बजट देना पड़ेगा.
जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों के लिए ‘एमएसपी’ की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 2020-21 में नए कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन की छाया मात्र है क्योंकि एमएसपी आज पहले की तरह प्रमुख मुद्दा नहीं रह गया है.
भारतीय मध्यम वर्ग को कैसा होना चाहिए मनमोहन सिंह ने इसका सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व किया. इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी इसकी सबसे खराब प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं.
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के साथ राजनीतिक अस्थिरता के कारण भारत के साथ आर्थिक संबंधों में बाधा आई है जिसके चलते सप्लाई चेन, शुल्क संबंधी नीति और व्यापार को आसान बनाने वाली सीमा संबंधी व्यवस्था प्रभावित हुई है.
इसके कारण एक ऐसी व्यवस्था आकार लेती है जिसमें आम नागरिक हाशिये पर धकेल दिया जाता है, जबकि कॉर्पोरेट घराने अपनी मनमर्ज़ी चलाते हैं और समतामूलक संवाद या सच्ची सार्वजनिक जवाबदेही के लिए कम गुंजाइश ही बच पाती है.
अगर भागवत का समावेशिता का आह्वान वास्तविक है, तो उन्हें अपने वैचारिक पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर विघटनकारी तत्वों के खिलाफ निर्णायक रूप से कार्रवाई करनी चाहिए.
पिछले एक दशक में हमने यह रुख अपनाना शुरू कर दिया है कि भले ही विदेशी यात्री आना न चाहें, लेकिन हमें परवाह नहीं है. यहां तक कि भारतीय लोग भी हमारे पर्यटन स्थलों से दूर रहने लगे हैं.
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने एक छात्रा के यौन उत्पीड़न के विरोध में सार्वजनिक रूप से खुद को कोड़े मारे. हालांकि, उन्हें इस बात से दुख हुआ होगा कि न तो मोदी-शाह-नड्डा और न ही राष्ट्रीय भाजपा ने सार्वजनिक रूप से उन्हें सराहा है.
मौजूदा समस्याएं जल्दबाज़ी में लागू की गई नीति और ऊंचे पदों के लिए महिला अफसरों को अपर्याप्त रूप से
तैयार करने का नतीजा हैं. महिला अफसरों को भविष्य में पुरुष अफसरों की तरह ऊंचे पदों के लिए प्रशिक्षित
और तैयार किया जाएगा.
डॉ. मनमोहन सिंह की सफलता यह थी कि उन्होंने पश्चिमी खेमे के साथ रणनीतिक रिश्ता बनाने के विचार की ओर निर्णायक एवं ऐतिहासिक पहल की. उन्हें खुद अपनी पार्टी और यूपीए के साथियों से जितना कम समर्थन हासिल था उसके मद्देनज़र यह बदलाव 1991 के आर्थिक सुधारों से कहीं ज्यादा साहसिक था.