लॉवर ‘सिबिल स्कोर’ बैंकों को ऊंची ब्याज दर वसूलने की सुविधा देता है, इससे सवाल उठता है कि क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों, बैंकों, वित्तीय संस्थाओं, और क्रेडिट ब्यूरो के बीच साठगांठ तो नहीं है.
धुर दक्षिणपंथ आधुनिक काल से पहले जो भी मुस्लिम शासक, गुरु-शिक्षक, भक्त-श्रद्धालु भारत आए उनका कुछ भी स्वीकार करने को तैयार नहीं है, भले ही आधुनिक काल से पहले के हिंदुओं ने उन्हें स्वीकार किया हो और यहां तक कि उन्हें पूजा हो.
9/11 के बाद, अमेरिकी पूर्व प्रथम महिला लॉरा बुश ने कहा था, "आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के लिए भी एक लड़ाई है." लेकिन, यह सच नहीं था.
बांग्लादेश में भी पाकिस्तान की तरह ही भारत के प्रति बढ़ती हुई विदेशी घृणा और राजनीतिक दुश्मनी की लहर चल रही है. बांग्लादेश में कुछ शैक्षणिक संस्थानों ने फर्श पर भारतीय ध्वज और इस्कॉन का प्रतीक पेंट कर दिया और छात्रों से उस पर चलने को कहा.
इस हफ्ते इस कॉलम के लिए बिल्कुल माकूल तीन मुद्दे सामने थे: पुरानी, गरीबी दूर करने वाले ट्रेंड वापस आ गए हैं, स्टील इंडस्ट्री इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की पैरवी कर रहा है; आर्थिक सुधारों के एडी श्रौफ सरीखे पैरोकार आज दिख नहीं रहे.
मीडिया की दुश्मनी आम लोगों को प्रभावित कर रही है. इस दुश्मनी के कारण सीमावर्ती शहरों में होटल मालिक, अस्पताल और अन्य सर्विस प्रोवाइडर्स बांग्लादेश से आने वाले लोगों के लिए अपने दरवाज़े बंद कर रहे हैं.
हयात तहरीर अल-शाम के सदस्य, जो लेवांट मुक्ति आयोग के नाम से भी जाने जाते हैं, ने सेना की 46वीं रेजिमेंट को किनारे करते हुए पिछले सप्ताह दूसरी बार अलेप्पो पर कब्जा कर लिया.
ईवीएम से छेड़छाड़ की घिसे-पिटे नैरेटिव पर जोर देने के बजाय, कांग्रेस को लोगों के दिमाग को हैक करने का तरीका खोजने पर फोकस करना चाहिए — जो भाजपा ने किया है.
ऐसा लगता है कि सरकार के राजनीतिक गणित में समृद्ध और वंचित तबकों के हित ही शामिल हैं, मिडिल-क्लास को लगभग दरकिनार किया गया है. बढ़ती राजनीतिक उपेक्षा ने इस तबके में मोहभंग की भावना भर दी है.
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने पांच पीएचडी विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित कर दिया है, जिनमें जेएनयू...