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Saturday, 11 April, 2026
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या बिछड़े एनडीए से या कबूल लें मामूली पद: नितीश कुमार के सामने हैं ये 6 विकल्प

नितीश कुमार अपने लिए एक नई भूमिका (पद) की तलाश कर रहे हैं, लेकिन यह पता लगाने में असमर्थ हैं कि वह क्या हो सकता है।

मोदी ने इमरजेंसी का इलज़ाम ‘एक परिवार’ पर लगाया, पर क्या परिवार में सबने दिया था समर्थन?

नरेन्द्र मोदी का उद्देश्य आपातकाल के समय को गुमराह करने वाली रणनीति के रूप में इस्तेमाल करना है

प्रियंका चोपड़ा के स्टारडम के बदौलत चमकी निक जोनस की किस्मत

प्रियंका चोपड़ा ने कुछ ऐसा किया है जो कोई भी भारतीय नहीं कर पाया है – बॉलीवुड या हॉलीवुड में अपने स्टारडम को त्यागे बिना उन्होंने दोनो फ़िल्मी जगतों में अपना प्रभाव बनाए रखा।

भाजपा अनुच्छेद 370 को हटाना तो चाहती है पर भूल जाती है कि इसको बनाने वाले सरदार पटेल थे

1947 के अंत तक, पटेल पाकिस्तान कश्मीर को देने के लिए तैयार थे अगर पाकिस्तानियों ने हैदराबाद के निजाम को भारत में शामिल होने के लिए कहा होता

भारत को लगता है कि कूटनीति से दूर वन्यजीवन में भेजकर ज़्यादा आईएफएस अफसर बन जाएंगे

विदेश सेवाएँ यूपीएससी परीक्षा के हरफ़नमौला स्वभाव की सबसे बड़ी दुर्घटना हैं।

गौड़ा की ‘पलंग योगा’ और नितीश की ‘नो योगा’ 2019 के बारे में क्या दर्शाती है ?

पहली ही नज़र में, प्रधानमंत्री मोदी के योगा प्रमोशन प्रोजेक्ट के लिए गौड़ा और कुमार की प्रतिक्रियाओं ने गलत शरीरों में जकड़ी अधीर आत्माओं वाली छाप छोड़ी है। लेकिन क्या वे हैं?

मोदी बिना महागठबंधन ‘महा’ नहीं

आसान बहुमत हासिल करने के लिए प्रमुख दल की मजबूती की अहम भूमिका होती है जिसकी संभावना भी इस गठबंधन में नहीं है

लिबरल पीठ के शंकराचार्य जो अनजाने में करते हैं मोदी का सबसे ज़्यादा सहयोग

लिबरल आगे बढ़ सकते हैं और मोदी से घृणा कर सकते हैं। यह सिर्फ उनके आधार को मजबूत करेगा और उत्पीड़न की मिथक की तसदीक़ करेगा।

मोदी की हिंदुत्व राजनीति से उबरने में जम्मू-कश्मीर को लगेंगे बरसों

कश्मीर घाटी उबाल पर है और जम्मू के साथ इसका धार्मिक विभाजन पूरा हो गया है।

अच्छा होता यदि कुलदीप नैयर की बजाय अरुण शौरी से मिल लेते अमित शाह

जब कोई राजनीतिक संगठन बहुत बड़ा बन जाए, तब उस की अपनी दुनिया, ढर्रा, जरूरतें, निहित स्वार्थ, जड़ता, विवशता, आदि हो जाती है। इसलिए भी वह सुबुद्धि के सामने छोटा है।

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दुनिया तेजी से बदल रही है—भारत को खुद को सुधारना, मजबूत करना और आर्थिक ताकत बढ़ानी चाहिए

आज निरंतर बदलती विश्व व्यवस्था भारत के लिए एक मौका उपलब्ध करा रही है जिसका लाभ उठाने के लिए उसे खुद को अनुशासित रखना होगा ताकि पाकिस्तान जब अपने लिए मौका देख रहा है तब हम हड़बड़ी में कोई प्रतिक्रिया न कर बैठें.

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राष्ट्रपति मुर्मू राजकोट एम्स और गांधीनगर आरआरयू के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेंगी

अहमदाबाद, 11 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 13 अप्रैल को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर आएंगी और इस दौरान राजकोट तथा गांधीनगर में...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.