अशफाक ने लिखा, ‘मैं दादा की तरफ से कौमपरस्त, ननिहाल की तरफ से अंग्रेज़परस्त पैदा हुआ, मगर मां का खून कमज़ोर था. सो, वतन के लिए मौत के तख्ते पर खड़ा हुआ हूं.’
ब्रांड मोदी ने 2014 में जो उम्मीदें और आशाएं बेचीं उन्हें युवाओं ने खरीदा मगर अब उन्हें लग रहा है कि भाजपा सरकार में और इंदिरा युग की कांग्रेस सरकार में तो कोई फर्क नहीं ही है, ऊपर से गाय भी गले डाल दी गई है.