केंद्र से मिलने वाले कोश से यह विषमता थोड़ी ही दूर होती है, मिटती नहीं. केंद्र से मध्य प्रदेश को कर्नाटक की तुलना में दो तिहाई ज्यादा कोश मिलता है, और बिहार को तेलुगुभाषी राज्यों की तुलना में 50 फीसदी ज्यादा.
भारतीय राजनीति में देवेगौड़ा का अवतार बनने को तैयार नेताओं की कमी नहीं है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री का तमगा पूर्व मुख्यमंत्री के तमगे से लाख गुना बेहतर है.
यूबीआई लागू करना कम आबादी वाले और अमीर देशों के लिए तो आसान है मगर भारत जैसे विशाल आबादी वाले विकासशील और सीमित संसाधनों वाले देशों के लिए टेढ़ी खीर है.
अंग्रेज़ी पत्रिका आउटलुक ने अपने ताज़ा अंक में लालू प्रसाद यादव को 2019 का एक ऐसा किंगमेकर बताते हुए कवर स्टोरी की है, जो शायद रंगमंच पर नज़र नहीं आएगा.
रोहित वेमुला की जाति को लेकर चाहे जो कहा जाए, देश के दलितों ने उसे अपना मान लिया और उसकी मृत्यु के विरोध में जैसा आंदोलन किया, वो प्रतिरोध की मिसाल है.
मुंबई, पांच मार्च (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को कहा कि प्रतिकूल राजनीतिक समीकरणों और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र...