ब्रांड मोदी ने 2014 में जो उम्मीदें और आशाएं बेचीं उन्हें युवाओं ने खरीदा मगर अब उन्हें लग रहा है कि भाजपा सरकार में और इंदिरा युग की कांग्रेस सरकार में तो कोई फर्क नहीं ही है, ऊपर से गाय भी गले डाल दी गई है.
हालिया विधानसभा के नतीजों ने ये दिखा दिया है कि भाजपा के जीत के सबसे अच्छे आसार वहां होते हैं जहां कांग्रेस मज़बूत हो. इसलिए भाजपा को अपना कांग्रेस मुक्त भारत का नारा छोड़ देना चाहिए या इसे बदल डालना चाहिए.
राजनीति के विद्वान इसे अपनी खास भाषा में चुनावी लोकतंत्र का ‘सेल्फ-करेक्टिंग मैकेनिज़्म’ मतलब आत्म-सुधार की क्षमता कहकर बुलाते हैं. एडम स्मिथ का गढ़ा...
बीजेपी-संघ परिवार की बंगाल विरोधी सोच का सबसे साफ उदाहरण उसके नेताओं द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद पितृसत्तात्मक और महिला-विरोधी भाषा है.