1857 के विद्रोह में मुगल बादशाह के खेमे में झांसी की रानी व कुछ राजा थे. वहीं देश की 500 से ज्यादा रियासतें या तो अंग्रेजों के साथ थीं, या इस युद्ध से अलग रहीं. लेकिन उनमें सिर्फ मराठा शासक सिंधिया को क्यों अंग्रेजों के मित्र के रूप में स्थापित किया जाता है?
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.