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Wednesday, 15 April, 2026
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पाक को सच्चा सबक सिखाना है तो देश के गुस्से को ठीक से संभालिये!

अपने घर को इस तरह संभालकर रखें कि उसमें उन उद्वेलनों के लिए कोई भूमि उर्वर न रह जाये, जिनका लाभ उठाकर पाकिस्तान हमें ‘आतंकवाद का अनचाहा निर्यात’ करता रहता है.

बिहार में मायावती के 40 सीटों पर ताल ठोकने से बदल सकती है चुनावी तस्वीर

राजद नेता तेजस्वी यादव को कभी जीतन राम माझी, तो कभी कांग्रेस झटके दे रही है. लेकिन सबसे अप्रत्याशित झटका बसपा प्रमुख मायावती ने बिहार की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला करके दिया है.

भारतीय मीडिया से उठ गया है लोगों का भरोसा

इस समूची तस्वीर का एक गंभीर असर यह सामने आ रहा है कि समाज का एक बड़ा तबका अब कथित मुख्यधारा के मीडिया से उम्मीद करना छोड़ चुका है.

आरक्षण व्यवस्था पर सरकार ने कर दी है ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

सरकार रोस्टर पर अध्यादेश लाने का वादा कर रही है और न ही इसका कोई जवाब दे रही है कि फैसला होने तक नई भर्तियां न किए जाने के बाद भी नियुक्तियां क्यों जारी हैं.

बसपा-सपा से सावित्रीबाई फुले को छीन ले गईं प्रियंका गांधी वाड्रा

प्रियंका के नेतृत्व संभालने के बाद यूपी में कांग्रेस तेजी से बदल रही है. वह पार्टी को सर्वसमावेशी बनाना चाहती हैं, जिससे किसी खास जाति समूह का दबदबा न रहे.

जम्मू कश्मीर की राजनीति में लौटने को ‘मजबूर’ आज़ाद

लगभग 16 साल बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद का जम्मू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आना साफ कर गया है कि उनके सितारे गर्दिश में हैं और वे वापस जम्मू कश्मीर की राजनीति में लौटने की फिराक में हैं.

क्या ओसामा बिन लादेन की जगह ले पाएगा आबू हमज़ा

हमज़ा बिन लादेन ने लिखा है कि 'मैं खुद को लोहे की तरह मजबूत समझता हूं. खुदा की खातिर जेहाद की राह मुझे जीने का मकसद देती है.

क्यों घुटनों के बल आया पाकिस्तान?

यह नए भारत का असर है कि पाकिस्तान ने घुटनों को टेक कर अभिनंदन को ससम्मान भारत भेज दिया. क्या आपको इस तरह का दूसरा उदाहरण विश्व में कहीं और मिलेगा?

1977 में जब बिना ठीक से गठित हुई जनता पार्टी को वोटरों ने देश की सत्ता सौंप दी

भले ही पीएम नरेन्द्र मोदी आजकल यह दावा करते नहीं थक रहे हों कि केन्द्र में गैरकांग्रेसी गोत्र वाली पहली सरकार 2014 में उनके ही नेतृत्व में बनी.

उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण खतरे में

केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर आरक्षण मामले का कुछ हद तक समाधान निकाल सकती है, लेकिन अब ये मामला बुरी तरह से उलझ चुका है.

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सतत विकास में कमजोर वर्ग की चिंताओं का समाधान होना चाहिए: पूर्व प्रधान न्यायाधीश गवई

हैदराबाद, 14 अप्रैल (भाषा) भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने मंगलवार को कहा कि सतत विकास को एक संवैधानिक दृष्टि...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.