सरकारी नौकरियों के लिए उम्र और अटैंप्ट में छूट दरअसल एससी, एसटी, ओबीसी को नौकरशाही और शिक्षा क्षेत्र में शिखर पर पहुंचने से रोकने में काम आती है. इसलिए सवर्ण गरीबों को ऐसी छूट नहीं चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक संबंध को अपराध मानने से इंकार कर, फैसला समुदाय के पक्ष में सुना दिया हो, लेकिन इनके हालात देख कर लगता है- पिक्चर अभी बाकी है.
महिलाएं कैसे कपड़े पहनेंगी, ये बचपन की ट्रेनिंग और संस्कृति के दबाव में तय होता है. कहने को वे खुद तय करती हैं, कि वे क्या पहनेंगी, लेकिन ये फैसला अक्सर पितृसत्ता का होता है.
योगी अपने समर्थकों को शायद दिखाना चाहते हों कि वह स्ट्रांगमैन हैं और जिन लोगों ने सत्ता में रहते उन्हें रुलाया था, उन्हें वह हर हाल में रुलाकर छोड़ेंगे.
चीज़े एक रात में नहीं बदलेंगी. 2001-06 का दौर, जब जमात, बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार में गठबंधन सहयोगी थी, भारत-बांग्लादेश रिश्तों के लिए सबसे खराब दौर में से एक था.