राजद नेता तेजस्वी यादव को कभी जीतन राम माझी, तो कभी कांग्रेस झटके दे रही है. लेकिन सबसे अप्रत्याशित झटका बसपा प्रमुख मायावती ने बिहार की सभी 40 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला करके दिया है.
सरकार रोस्टर पर अध्यादेश लाने का वादा कर रही है और न ही इसका कोई जवाब दे रही है कि फैसला होने तक नई भर्तियां न किए जाने के बाद भी नियुक्तियां क्यों जारी हैं.
प्रियंका के नेतृत्व संभालने के बाद यूपी में कांग्रेस तेजी से बदल रही है. वह पार्टी को सर्वसमावेशी बनाना चाहती हैं, जिससे किसी खास जाति समूह का दबदबा न रहे.
लगभग 16 साल बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद का जम्मू स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आना साफ कर गया है कि उनके सितारे गर्दिश में हैं और वे वापस जम्मू कश्मीर की राजनीति में लौटने की फिराक में हैं.
कोई यह नहीं कहता कि पंजाब को नहर सुधार में हुई असली प्रगति छिपानी चाहिए, लेकिन धीरे-धीरे हो रहे सुधार की जानकारी देना और उसे बड़ी उपलब्धि बताकर पेश करना—दोनों में फर्क है.