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Thursday, 29 January, 2026
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मत-विमत

दुनिया के हर विषय पर फाइनल बात बोलने के लिए कितनी पढ़ाई की आवश्यकता है?

जग्गी वासुदेव ऐसे योगी हैं जिनका इंटरव्यू बड़े फिल्मी जगत के लोगों ने लिया है जिनमें कंगना रनौत, करण जोहर, अनुपम खेर जैसे शामिल हैं.

मणिकर्णिका के जरिए ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना

1857 के विद्रोह में मुगल बादशाह के खेमे में झांसी की रानी व कुछ राजा थे. वहीं देश की 500 से ज्यादा रियासतें या तो अंग्रेजों के साथ थीं, या इस युद्ध से अलग रहीं. लेकिन उनमें सिर्फ मराठा शासक सिंधिया को क्यों अंग्रेजों के मित्र के रूप में स्थापित किया जाता है?

राहुल गांधी ओबीसी पॉलिटिक्स करेंगे तो अखिलेश यादव क्या करेंगे?

ओबीसी समुदाय के हर हाल में साथ रहने के प्रति आश्वस्त समाजवादी पार्टी को ये आभास नहीं है कि ओबीसी का एक बड़ा तबका बीजेपी के साथ जा चुका है.

बंजारे महज हाथ के बने सामान ही नहीं, विचार और परंपरा को भी साथ लाते हैं

हमारी सभ्यता को बनाने में उसे निरन्तरता देने में जो योगदान बंजारा समाज का है शायद ही इतिहास में किसी अन्य समाज का रहा हो.

चौरी-चौरा: एक बहुजन बगावत, जिससे गांधी घबरा उठे थे!

चौरी-चौरा गरीबों और निम्नवर्णीय किसानों-मजदूरों का विद्रोह था, जिसके निशाने पर अंग्रेज बेशक थे, लेकिन ये विद्रोह गांधी और कांग्रेस की जमींदारपरस्त नीतियों के खिलाफ भी था.

मीडिया मुगल सुभाष चंद्रा की विवादास्पद और दिलचस्प ज़िंदगी पर एक नज़र

ज़ी के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने पहले भी मुश्किलों का सामना किया है. इस बार उनके लिए मुसीबत ऐसे समय आई जब वह ज़ी टीवी में अपनी हिस्सेदारी का 50 फीसदी अंश बेचने के लिए प्रयासरत हैं.

मोदी सरकार का अंतिम बजट : खोदा पहाड़ निकली चुहिया, रोजगार चाहिए जोश नहीं

मोदी सरकार के अंतिम बजट से अपेक्षाएं आसमान छू रही थीं. हालांकि यह अंतरिम किस्म का बजट होता है मगर इसको लेकर मीडिया में...

आपको चुनौती देना विपक्ष का गुनाह नहीं जिम्मेदारी है प्रधानमंत्री जी!

अभी जो हालात हैं, उसके मद्देनजर प्रधानमंत्री से पूछने का मन होता है कि वे ऐसे जो मुसकुरा रहे हैं, कौन-सा गम है जो छुपा रहे हैं?

मोदी के वो पांच राजनीतिक साहस वाले बड़े काम जो अर्थव्यवस्था के हित में रहे

राजनीतिक अर्थव्यवस्था के मामले में मोदी ने जो पांच सही चीज़ें की हैं वे बताती हैं कि अच्छी अर्थनीति खराब राजनीति ही साबित हो यह जरूरी नहीं.

लेक्चरर-प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बने राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सेवा आयोग

उच्च न्यायपालिका की तरह यूनिवर्सिटीज में भी एक कोलिजियम सिस्टम चलता है, जिसमें प्रोफेसर अपने रिश्तेदारों को प्रोफेसर बना लेते हैं.

मत-विमत

IAS, IPS कैडर एलोकेशन में बुनियादी समस्याएं हैं, नई नीति उनको हल नहीं करती

चूंकि 2026 की कैडर पॉलिसी 25 राज्य कैडरों के लिए आवंटन तय करती है, इसलिए समानांतर राज्य नौकरशाही अलग-अलग नियमों के तहत काम करती है, जिसमें कोई अखिल भारतीय आयाम नहीं होता है.

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राजनीति

देश

पवार के काटेवाडी गांव में शोक की लहर, ‘अजित दादा अमर रहे’ के नारे लगे

(फोटो के साथ) बारामती, 29 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके पैतृक गांव काटेवाडी स्थित...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.