अमेरिका ने इस बात को समस्या के रूप में स्वीकार किया है कि वहां की फिल्मों में परदे पर और परदे
के पीछे अश्वेत और हिस्पैनिक्स लोगों का प्रतिनिधित्व कम है. भारत में ये बहस अभी मुमकिन ही नहीं
है.
मतदान व मतों की गिनती की बुनियादी प्रक्रिया पर बहस से हमारे लोकतंत्र की कुछ ठोस उपलब्धियों पर अविश्वास पैदा होता है. हमारा ध्यान चुनाव सुधारों पर होना चाहिए.
पेरियार की चर्चित किताब 'सच्ची रामायण' को हिंदी में लाने और उसे पाबंदी से बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ने वाले ललई सिंह बहुजन क्रांति के नायक थे. 7 फरवरी को उनका परिनिर्वाण दिवस है.